नई दिल्ली | 10 जनवरी, 2026: गजदर लीग ए डिवीजन टू-डे टूर्नामेंट में नवनिकेतन क्रिकेट क्लब के लेग स्पिनर शांतनु ने अपनी फिरकी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। एसबी सिटी कॉलेज ग्राउंड पर वीएमवी (VMV) के खिलाफ खेले गए मैच में शांतनु ने पहली पारी में विपक्षी टीम के सभी 10 विकेट चटकाकर एक दुर्लभ रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 28.3 ओवर की गेंदबाजी में 109 रन देकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। हालांकि, मैच ड्रॉ रहा और पहली पारी की बढ़त के आधार पर वीएमवी विजेता घोषित की गई, लेकिन पूरी चर्चा शांतनु के इस ‘परफेक्ट टेन’ प्रदर्शन के इर्द-गिर्द रही।
26 वर्षीय शांतनु पूर्व रणजी खिलाड़ी सुनील चिखले के पुत्र हैं और उन्हें गेंदबाजी के गुर विरासत में मिले हैं। मैच के दौरान वीएमवी के बल्लेबाज हिमांशु बंते ने 111 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन अंततः उन्हें भी शांतनु ने ही अपना शिकार बनाया। शांतनु के स्पेल की शुरुआत दूसरे ही ओवर से हो गई थी और उन्होंने एक के बाद एक वीएमवी के सभी बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उनकी इस घातक गेंदबाजी ने साबित कर दिया है कि वे विदर्भ क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली स्पिनरों में से एक बनकर उभरे हैं।
विदर्भ क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों से एक बेहतरीन राइट आर्म लेग ब्रेक स्पिनर की कमी महसूस की जा रही है। अजहर शेख के बाद कोई भी लेग स्पिनर टीम में स्थायी जगह नहीं बना सका है, ऐसे में शांतनु का यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ा संदेश है। शांतनु पहले भी विदर्भ की अंडर-25 और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग XI में मौका नहीं मिला था। गजदर लीग में किए गए इस ऐतिहासिक धमाके के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि उन्हें जल्द ही विदर्भ की रणजी टीम में शामिल किया जा सकता है।

