ढाका, 07 जनवरी (वार्ता) बंगलादेश पुलिस ने बुधवार को राजधानी ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) की ओर से भारतीय उच्चायोग तक निकाले जा रहे मार्च को रोक दिया।
एनसीपी की ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ शाखा ने बुधवार को इस कार्यक्रम का आयोजन किया था, ताकि बंगलादेशी किशोर फेलानी की भारत की सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कथित गोलीबारी में हुई हत्या की 15वीं बरसी मनाई जा सके।
पुलिस ने छात्र-नेतृत्व वाली एनसीपी पार्टी द्वारा भारतीय उच्चायोग की ओर निकाले जा रहे ‘वर्चस्व-विरोधी मार्च’ को रोक दिया। प्रदर्शनकारी सीमा पर एक किशोर की कथित हत्या के लिए न्याय की मांग की जा रही है।
एनसीपी के नेता और कार्यकर्ता ढाका के बारीधारा स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर बढ़ने लगे। उच्चायोग पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद वे कुरिलमुखी रोड पर खड़े होकर भारत विरोधी नारे लगाने लगे और भाषण देने लगे।
एनसीपी के वरिष्ठ संयुक्त संयोजक अरिफुल इस्लाम अदीब ने आरोप लगाया कि भारत के समर्थन से पूर्व अवामी लीग सरकार ने पिलखाना और शाहबाग में “नरसंहार” किए थे। उन्होंने अंतरिम सरकार से “अंतरराष्ट्रीय अदालतों में भारत को जवाबदेह ठहराने” के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर कोई भी देश बंगलादेश के आगामी चुनावों में “हस्तक्षेप करने की कोशिश” करता है, तो जनता उन्हें करारा जवाब देगी।
