नई दिल्ली/प्योंगयांग | 02 जनवरी, 2026: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ एक बार फिर दुनिया भर की सुर्खियों में हैं। नए साल के अवसर पर उन्होंने अपने माता-पिता के साथ पहली बार ‘कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन’ का सार्वजनिक दौरा किया। यह स्थल किम राजवंश के लिए सबसे पवित्र माना जाता है, क्योंकि यहाँ किम जू ऐ के दादा और परदादा की समाधियाँ स्थित हैं। सरकारी मीडिया केसीएनए द्वारा जारी तस्वीरों में वह अपने पिता और माता री सोल जू के साथ मुख्य हॉल में प्रमुखता से बैठी नजर आ रही हैं। इस महत्वपूर्ण यात्रा ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि किम जोंग उन अपनी बेटी को देश के भविष्य के नेता के रूप में दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों और दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसियों का मानना है कि किम जू ऐ को चौथी पीढ़ी के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में उन्हें जिस तरह से मिसाइल परीक्षणों, सैन्य परेडों और अब इस पवित्र समाधि स्थल पर देखा गया है, वह किसी भी अन्य शाही सदस्य के लिए दुर्लभ है। उत्तर कोरिया दुनिया की एकमात्र ऐसी कम्युनिस्ट राजशाही है जहाँ सत्ता एक ही परिवार की पीढ़ियों से चली आ रही है। लगभग 12 से 14 वर्ष की आयु की जू ऐ को मिल रहा विशेष प्रोटोकॉल दर्शाता है कि प्रशासन और सैन्य अधिकारियों ने उन्हें भावी शासक के रूप में स्वीकार करना शुरू कर दिया है।
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान देश के कई शीर्ष सैन्य और नागरिक अधिकारी भी किम परिवार के साथ मौजूद रहे। तस्वीरों में वरिष्ठ अधिकारियों को किम जू ऐ के प्रति सम्मान प्रकट करते देखा गया, जो उत्तर कोरियाई राजनीति में एक बड़ा संदेश माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तानाशाह अपनी बेटी को जनता के बीच “प्यारी” और “सम्मानित” संतान के रूप में स्थापित कर रहे हैं ताकि भविष्य में सत्ता हस्तांतरण के दौरान कोई विरोध न हो। किम जू ऐ की हर सार्वजनिक उपस्थिति अब वैश्विक स्तर पर उत्तर कोरिया की भावी विदेश और परमाणु नीति के संकेतों के रूप में देखी जा रही है।

