जबलपुर: षडय़ंत्र रचकर बिना स्टाम्प ड्यूटी चुकाये रजिस्ट्री की फोटो काफी के आधार पर गबड़झाला कर नामांतरण कराने के साथ संपत्ति बेच दी गई। जमीन विक्रेता को एक करोड़ का चूना लगाया गया। मामले में जबलपुर ईओडब्ल्यू ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।ईओडब्ल्यू जबलपुर को शिकायत मिली कि मोहम्मद आसिफ पिता अब्दुल खालिक मन्सूरी, निवासी न्यू कंचनपुर एवं रूपेश विश्वकर्मा पिता तुलसीराम विश्वकर्मा, निवासी फूटाताल स्कूल ने 8 लाख रुपये कम स्टाम्प डयूटी चुकाई थी, जिससे राजिस्ट्रार ने रजिस्ट्री होल्ड की थी आरोपियों ने बिना स्टाम्प डयूटी चुकाये रजिस्ट्री की फोटो कापी के आधार पर नामांतरण करवा लिया व इस संपत्ति को आगे बेच दिया। आरोपियों ने लगभग एक करोड़ रुपये के जो चेक विक्रेता को दिये वो भी बाऊन्स हो गये।
विक्रय पत्र में हेराफेरी, विक्रेता को दिए चेक हुए बाउंस-
ईओडब्ल्यू की जांच मेें पाया गया कि पुनीत रंजन यादव के पिता विक्रेता स्व. मोहनलाल यादव ने क्रेता मोहम्म्द आसिफ और रूपेश विश्वकर्मा के पक्ष में जिला जबलपुर स्थित भूमि कुल रकबा 0.257 हे. जमीन को रूपये 1,03,84000 में विक्रय पत्र का पंजीयन 30 नवम्बर 2019 को किया था। जमीन का कुल मूल्य 1,03,84000 रूपए में से 2000000 रूपये नगद एवं शेष राशि विभिन बैंकों के माध्यम से क्रेतागणों मोहम्मद आसिफ एवं रूपेश विश्वकर्मा द्वारा पुनीत के पिता मोहनलाल यादव को देना विक्रय पत्र में उल्लेख किया गया है। किन्तु आरोपी के द्वारा विक्रेता को दिये गये सभी चेक बाउंस हो गये।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा-
आरोपी आसिफ मंसूरी, रुपेश विश्वकर्मा के द्वारा मूल विक्रय पत्र में प्रतिफल की राशि के चैक का विवरण दर्ज कर धोखाधड़ी करते हुये भूमि क्रेता के रुप से विक्रय पत्र के पंजीयन एवं स्टाम्प शुल्क में पाई गई कमी राशि 7,95,920 रूपये जमा नहीं किये जाने पर मूल पंजीकृत विक्रय पत्र जारी नहीं किया गया। परंतु उपरोक्त बनावेदकों द्वारा मूल विक्रय पत्र पंजीयन शुल्क के आभाव में विधि अनुरुप जारी नहीं किये जाने के बावजूद उसकी प्रति को उपयोग में लाया जाकर नायब तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत कर नामांतरण करा लिया गया। अनावेदकों के द्वारा पूर्ण पंजीयन शुल्क एवं मुद्रांक शुल्क अनावेदक आसिफ मंसूरी एवं रुपेश विश्वकर्मा द्वारा जमा नहीं किया जाकर अन्य व्यक्तियों को भूमि विक्रय कर लाभ प्राप्त किया गया।
