
भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के सशक्त नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और दृढ़ दिशा-निर्देशन में वर्ष 2025 के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस ने ऐतिहासिक सफलताएँ हासिल कीं। इन उपलब्धियों ने राज्य में आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और जनता के विश्वास को नई मजबूती प्रदान की है।
वर्ष 2025 राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ, जब तीन दशक से अधिक समय बाद मध्य प्रदेश को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित किया गया। हॉक फोर्स, जिला पुलिस और विशेष सशस्त्र बलों द्वारा सुनियोजित अभियानों के तहत करोड़ों रुपये के इनामी कई हार्डकोर नक्सलियों को ढेर किया गया अथवा गिरफ्तार किया गया। दिसंबर माह में 10 सशस्त्र नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की प्रभावशीलता को भी रेखांकित किया।
कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आतंक मॉड्यूल, संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले के एक प्रमुख फरार आरोपी की गिरफ्तारी ने पुलिस की दक्षता और तत्परता को उजागर किया। वहीं, राज्यव्यापी “नशा से दूरी है ज़रूरी” अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें सख्त प्रवर्तन के साथ जनभागीदारी सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप मादक पदार्थों और अवैध शराब की रिकॉर्ड जब्तियाँ की गईं।
महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में ऑपरेशन मुस्कान के तहत उल्लेखनीय प्रगति हुई। साइबर अपराध नियंत्रण में ठगी की राशि की त्वरित रिकवरी, तथा तकनीक आधारित पहल—जैसे ई-ज़ीरो एफआईआर, आईसीजेएस, ई-ऑफिस और सीईआईआर—ने पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया। इसके साथ ही भर्ती अभियानों, पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और डायल-112 व सीपीआर प्रशिक्षण जैसी जनसुरक्षा पहलों से पुलिस की कार्यक्षमता में और वृद्धि हुई।
इन सभी उपलब्धियों के लिए मध्य प्रदेश पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है और यह बल अब सुरक्षा, नवाचार और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग के एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है।
