
इंदौर. सोमवार को ग्राम चित्तौड़ा में आयोजित भागवत कथा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आम श्रद्धालुओं के बीच जमीन पर बैठकर कथा सुनते नजर आए. मंच से संत श्री कमल किशोर नागर महाराज ने जहां नीति और धर्म से युक्त शासन को समाज की मजबूती का आधार बताया, वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्संग और भागवत कथा से समाज में सदाचार, नैतिकता और समरसता की भावना मजबूत होती है.
इंदौर के ग्राम चित्तौड़ा में आयोजित भागवत कथा के समापन असवर पर कथा पंडाल में जैसे ही मुख्यमंत्री पहुंचे, श्रद्धालुओं में हलचल बढ़ गई. मुख्यमंत्री बिना किसी औपचारिकता के सीधे श्रद्धालुओं के बीच बैठ गए और पूरे मनोयोग से कथा श्रवण किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति और सत्संग से मिलने वाली तृप्ति किसी भी भौतिक सुख या वैभव से नहीं मिल सकती. कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और जीवन को सही दिशा मिलती है. मुख्यमंत्री ने संत कमल किशोर नागर महाराज की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रवचनों से समाज को न केवल आध्यात्मिक दिशा मिलती है, बल्कि सेवा और संस्कार की भावना भी मजबूत होती है. उन्होंने गौ सेवा को सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गौशालाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और मध्यप्रदेश को गौ सेवा का मॉडल राज्य बनाने का लक्ष्य है.
तभी प्रजा का वास्तविक कल्याण
संत कमल किशोर नागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब शासन नीति और धर्म के साथ चलता है, तभी प्रजा का वास्तविक कल्याण होता है. उन्होंने मुख्यमंत्री की सादगी और जमीन पर बैठकर कथा श्रवण करने को संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण बताया. कार्यक्रम में मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.
