इंदौर: वानिकी को सिर्फ जंगलों तक सीमित रखने के बजाय अब इसे सीधे किसानों और बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जिसके तहत इंदौर में वन विज्ञान केंद्र (वीवीके) का शुभारंभ होने जा रहा है. इसे वानिकी अनुसंधान को जमीन पर उतारने की अहम पहल माना जा रहा है. यह केंद्र सोशल फॉरेस्ट्री कार्यालय स्थित मालवा डेमो नर्सरी परिसर में स्थापित किया गया है.
वन विज्ञान केंद्र का मकसद वैज्ञानिक शोध को किसानों, वन आश्रित समुदायों और स्व-सहायता समूहों तक व्यावहारिक रूप में पहुंचाना है, ताकि आजीविका के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन को भी बढ़ावा मिल सके. यह भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के मार्गदर्शन में और टीएफआरआई जबलपुर के तकनीकी सहयोग से इंदौर वन मंडल के सहयोग से तैयार किया है. इंदौर का यह केंद्र प्रदेश का सातवां वन विज्ञान केंद्र है, जिसे खास तौर पर मालवा क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया है.
फील्ड डेमोंस्ट्रेशन और सप्लाई सेंटर के रूप में किया जाएगा विकसित
इस पहल के तहत महू स्थित बड़गोंदा नर्सरी को फील्ड डेमोंस्ट्रेशन और सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां किसानों को तेजी से बढ़ने वाले और अधिक उत्पादन देने वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे. खेतों में अलग-अलग प्रजातियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि किसान जोखिम कम करते हुए सही फैसले ले सकें. केंद्र के माध्यम से एग्रोफॉरेस्ट्री, जल संरक्षण आधारित वानिकी, चारकोल और मशरूम उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती और क्लोन पौधों के उत्पादन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा. लाख और बांस के मूल्य संवर्धन पर भी खास जोर रहेगा, जिससे कच्चे माल की बजाय तैयार उत्पाद बेचकर अधिक आय मिल सके.
कल होगा महू स्थित बड़गोंदा नर्सरी स्थित केंद्र का शुभारंभ
वन विभाग का फोकस केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करने पर भी रहेगा. इसके लिए निजी क्षेत्र और संस्थागत खरीदारों से सीधा संवाद किया जाएगा. अर्जुन की छाल, तेंदूपत्ता, चिरौंजी, सतावर, सफेद मुसली जैसी लघु वनोपज के सतत संग्रह को बढ़ावा देकर आय बढ़ाने के साथ जंगलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी. उद्घाटन कार्यक्रम मंगलवार को रखा गया है, जिसमें वन विभाग, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, किसानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह मॉडल आने वाले समय में देशभर के लिए उदाहरण बनने की दिशा में देखा जा रहा है.
