नई दिल्ली। 26 दिसंबर, 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों और माता गुजरी जी के अद्वितीय बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक है। उन्होंने माता गुजरी जी के अटूट विश्वास और गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि साहिबजादों का जीवन और उनके आदर्श आने वाली कई पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे। यह दिन देश की युवा पीढ़ी में राष्ट्रबोध और संस्कारों के निर्माण का एक राष्ट्रीय संकल्प बनकर उभरा है।
वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की महान शहादत के सम्मान में मनाया जाता है। इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि साल 1705 में इसी दिन मुगल हुकूमत के जुल्मों के आगे न झुकते हुए, इन नन्हें नायकों ने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए दीवार में जिंदा चुने जाने का सर्वोच्च बलिदान स्वीकार किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर इस दिन को आधिकारिक रूप से ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की ऐतिहासिक घोषणा की थी, ताकि देश का बच्चा-बच्चा इस महान त्याग से परिचित हो सके।
साहिबजादों के बलिदान दिवस पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित कई दिग्गजों ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने अपने संदेशों में कहा कि साहिबजादों का त्याग केवल इतिहास का स्मरण नहीं है, बल्कि यह अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने की शक्ति प्रदान करने वाली प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे प्रधानमंत्री की एक दूरदर्शी पहल बताया, जिससे देश की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रमों के माध्यम से इन वीर आत्माओं को याद किया जा रहा है।

