इंदौर में हरित क्षेत्र बढ़ाने की विस्तृत कार्ययोजना बनाने की जरूरत

इंदौर: दिल्ली समेत उत्तर-भारत में उत्पन्न, गंभीर पर्यावरण संकट इंदौर के लिए भी एक आसन्न चुनौती है. विकास जरूरी है पर उसे सतत, समावेशी एवं पर्यावरण सम्मत बनाना होगा. इस हेतु सुस्पष्ट नीतियां एवं जन सहभागिता जरूरी है.डेवेलपमेंट फाउंडेशन द्वारा अभय प्रशाल स्थित होल्कर ज्ञान मंडपम में ‘वर्तमान परिदृश्य में पर्यावरण की चुनौतियाँ’ विषय पर आयोजित विचार–विमर्श में विशेषज्ञ वक्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने चिंता प्रकट करते हुए ठोस सुझाव भी दिए.

कार्यक्रम में पीएचडी स्कॉलर डॉ नेहा कोराने धामेचा ने अपने शोध के निष्कर्ष साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बरगद, पीपल, आम और सप्तपर्णी जैसे कई वृक्षों के पर्यावरण पर प्रभाव पर अध्ययन किया है. शोध में यह सामने आया कि इन सभी में बरगद एवं पीपल जैसे परंपरागत वृक्ष तापमान नियंत्रित करने में सबसे अधिक प्रभावी हैं और आसपास के वातावरण को ठंडा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.

इन्दौर के कम हरित क्षेत्रों में बेहतर हरित क्षेत्रों की तुलना में 6-8 डिग्री तक अधिक तापमान पाया गया है. मुख्य वक्ता पर्यावरणविद डॉ. ओ पी. जोशी ने कहा कि इंदौर में मात्र 9 प्रतिशत हरित क्षेत्र अत्यंत संकट पूर्ण शहरीकरण का द्योतक है. 30 लाख की आबादी में इतने ही वाहन हैं जो प्रदूषण फैला रहे हैं. उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की कि सड़कों और डिवाइडरों पर केवल सजावटी पौधे लगाने के बजाय पारंपरिक और जीवन मूल्यों को बढ़ाने वाले वृक्ष लगाए जाएँ.
विशेषज्ञों से सलाह ली जानी चाहिए
पर्यावरणविद डॉ किशोर पवार ने कहा कि इंदौर में व्यापक पर्यावरण कार्ययोजना बनाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जानी चाहिए. कार्यक्रम अध्यक्ष सीबी सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं का पर्यावरण सम्मत होना अनिवार्यता बन चुकी है. फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी आलोक खरे ने बताया कि पूर्व चर्चाओं के आधार पर शासन को सुझाव दिए गए हैं और इसे सतत रूप से किया जाएगा.
डॉ जयश्री सिक्का, डॉ गोतम कोठारी, डॉ शंकर लाल गर्ग,पत्रकार नेहा जैन, डॉ राम गुलाम राजदान, सुनील व्यास, डॉ दिलीप वाघेला ने भी सम्बोधित किया।
संचालन श्याम पांडे ने किया. आभार रामेश्वर गुप्ता ने माना. प्रारंभ में मनोहर देव, किर्ति यादव, रंजना नाईक, प्रणिता दीक्षित, प्रो असद खान, राजू सैनी संदीप खानविलकर, डीसी पाटीदार, नरेश मुंदड़ा आदि ने स्वागत किया

Next Post

विधायक ने किया औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण

Thu Dec 25 , 2025
आष्टा। विधानसभा क्षेत्र को औद्योगिक विकास का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने ग्राम दलपतपुरा स्थित आटा निर्माण इकाई का निरीक्षण किया. विधायक श्री इंजीनियर ने जानकारी दी कि ग्राम पगारियाराम में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया […]

You May Like