
खंडवा। नगर निगम अब शहर को ‘फायर-प्लान’ नए साल के पहले शहर को देने वाली है। इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं। 31 दिसंबर तक 15 मीटर ऊंची बिल्डिंग्स को फायर सेफ्टी के नियम पालन करने होंगे। ऐसा नहीं हुआ तो 500 रुपए प्रतिदिन जुर्माना ठोंका जाएगा।
यह बात अलग है कि निगम कई बार ऐसे प्लान बनती है, और उन पर फॉलो अप नहीं करती। तलघर के मामले में यही हुआ। व्यापारी महापौर के पास पहुंच गए और मामला टाल दिया गया। आज तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई। सवाल शहर की जनता की सेफ्टी का है. पार्किंग पर भी ऐसे ही सख्ती बरती गई थी, जो बाद में शून्य हो गई।
जरूरी भी है
आग से सुरक्षा
फायर नियमावली शहर हित के लिए जरूरी भी है। शहर का आकर और जनघनत्व बढ़ता जा रहा है। खंडवा अब छोटा नहीं रहा। फायर ब्रिगेड निकल जाए। वह बड़ी इमारत तक पहुंच जाए। उनमें लगे लाल पाइप पर नोजल कस दें और आज उपरी मंजिल पर भी आग बुझाई जा सके। ऐसे इंतजाम जरूरी हैं।
10 साल पहले ही
बना था कानून
हालांकि नगर निगम का यह प्रयास अच्छा भी है। निगम यदि शहर को व्यवस्थित करती है। गलती करने वाले व्यापारियों, भवन संचालकों, अस्पतालों से राशि वसूलती हैं, तो इसे शहर हित में लगाया जाएगा। आम लोगों की सुविधा भी बढ़ेगी । ऐसा कानून 10 साल पहले ही बन जाना चाहिए था। शहर स्मार्ट सिटी के दायरे में आ सकता है। महापौर के यह प्रयास यदि ईमानदारी से शहर में लागू हो गए, तो आने वाले 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
बड़े भवनों को
नोटिस दिया
नगर निगम ने होटल, अस्पताल, उद्योग, स्कूल, कॉलेज, मैरिज गार्डन सहित अन्य संबंधित भवनों के स्वामियों एवं संचालकों को फायर प्लान अनुमोदन कराने हेतु सूचना पत्र वितरित किए गए। इस दौरान भवन संचालकों को नियमों, प्रक्रिया एवं समय-सीमा की विस्तृत जानकारी दी गई।
नहीं माने तो 500
रुपए रोज जुर्माना
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर 2025 के बाद फायर प्लान अनुमोदन न कराने पर 500 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना किया जाएगा। यदि एक वर्ष तक भी फायर प्लान अनुमोदन नहीं कराया गया, तो यह जुर्माना बढक़र 1000 रुपए प्रतिदिन कर दिया जाएगा। यह दंडात्मक प्रावधान नागरिकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए सख़्ती से लागू किया जाएगा।
31 दिसंबर आखरी म्याद
मध्य प्रदेश शासन द्वारा पूर्व में दी गई छूट के अंतर्गत फायर प्लान अनुमोदन न कराने पर लगने वाले जुर्माने कीज की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। सभी संबंधित भवन स्वामियों/ संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे इस तिथि से पूर्व अनिवार्य रूप से फायर प्लान अनुमोदन की प्रक्रिया पूर्ण कर लें।
शहरवाले नियम पहचानें
नगर निगम द्वारा जारी सूचना के अनुसार निम्न श्रेणी के भवनों में फायर प्लान अनुमोदन अनिवार्य है। इसमें 15 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले समस्त भवन, एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले समस्त भवन (आवासीय एवं धार्मिक/ सामुदायिक भवनों को छोडक़र), ऐसे होटल अथवा अस्पताल जिनमें 50 से अधिक पलंग/बिस्तर उपलब्ध हों।
