ग्वालियर: कांग्रेस के पूर्व जिला महामंत्री जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने गांधीजी के विचारों और उनके नाम से जुड़ी योजनाओं को खत्म करने के प्रयासों का विरोध किया।उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया गया है।
उन्होंने इसे गांधीजी के नाम और उनके विचारों का अपमान बताया और कहा कि नाम बदलना नहीं, बल्कि रोजगार बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की रीढ़ रही है। मनरेगा भले ही कांग्रेस सरकार की देन हो, लेकिन यह किसी पार्टी की योजना नहीं, बल्कि देश और जनता से जुड़ा एक कानून है।
