ओडिशा सरकार ने जादू टोना, बाल विवाह को जड़ से खत्म करने का लिया संकल्प

भुवनेश्वर, (वार्ता) ओडिशा में जादू टोना के नाम पर हिंसा और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं एक चिंताजनक सामाजिक बुराई के रूप में उभर रही हैं। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने इन प्रतिगामी प्रथाओं की समाप्ति के लिए शिक्षा और निरंतर जागरूकता के माध्यम से अनेक उपाय किए हैं।

यहां महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित जादू-टोना रोकथाम और बाल विवाह निषेध पर राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए, उन्होंने भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ, प्रगतिशील एवं अंधविश्वास मुक्त समाज प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने सभी अधिकारियों से गांवों और घरों का दौरा करके अंधविश्वास एवं सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि वे केवल प्रशासनिक कर्तव्य के रूप में नहीं बल्कि मानवता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की प्रबल भावना के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव शुभा शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक बुराइयों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए कानूनी प्रवर्तन को जन जागरूकता के साथ जोड़ने के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने विभिन्न विभागीय पहलों पर प्रकाश डाला और समाज से ऐसी अमानवीय प्रथाओं को समाप्त करने की कुंजी के रूप में सामूहिक कार्रवाई पर बल दिया।

बाद में वक्ताओं ने ओडिशा डायन-शिकार रोकथाम अधिनियम, 2013 और बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 पर विस्तार से चर्चा की जिससे विस्तृत कानूनी एवं कार्यान्वयन रणनीतियों की जानकारी प्राप्त हुई।

 

 

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