कृषि उत्पादकता, आय बढ़ाने की वेदांता की ग्रामीण विकास पहल 50 हजार किसानों तक पहुंची

नयी दिल्ली, 23 दिसम्बर (वार्ता) खनन और खनिज प्रसंस्करण क्षेत्र के दिग्गज कंपनी समूह वेदांता ने मंगलवार को ‘किसान दिवस’ पर कहा कि वर्ष 2024-25 में उसकी ग्रामीण विकास पहलों से करीब 50,000 किसानों को लाभ हुआ है।
समूह की ओर से किसान दिवस के उपलक्ष्य में जारी एक बयान में कहा गया है कि इस पहल के तहत डेयरी एवं अन्य गतिविधियों के ज़रिये ग्रामीणों को 14 करोड़ की आय मिली है।किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है। वेदांता ने कहा है कि किसान संस्थानों, स्थानीय उद्यमों, कौशल एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन में निवेश कर कंपनी किसानों को खेती के पुराने तरीकों के बजाए सामूहिक, बाजार से जुड़ी एवं भविष्य के अनुकूल ग्रामीण उद्यमों के निर्माण में मदद कर रही है।
बयान में कहा गया है कि समूह की हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, वेदांता एलुमिनियम, कैयर्न ऑयल एंड गैस, आयरन ओर बिज़नेस, ईएसएल स्टील लिमिटेड और फैकोर जैसी कंपनियों ने सात किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन में योगदान दिया है। ये संस्थान किसानों को डेयरी संचालन, पशुचारे, मिनरल मिक्सचर यूनिट, बायोमास यूनिट एवं खेती से जुड़े वैल्यू-एडेड उद्यमों के प्रबन्धन में मदद करते हैं। इसके कारण किसानों की आय में औसतन 10 फीसदी और उत्पादकता में 25 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
समूह के अनुसार हिंदुस्तान ज़िंक लिमिटेड ने राजस्थान में तकरीबन 200 गांवों को सहयोग प्रदान किया है। पश्चिमी राजस्थान में मरू सागर डेयरी और बाड़मेर उन्नति ने दूध खरीद प्रणाली को सशक्त बनाया है, चरागाहों के विकास में मदद की है, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया है तथा 45 करोड़ लीटर से अधिक जल संरक्षण कर कृषि स्थायित्व में योगदान दिया है।
वेदांता एलुमिनियम उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में बेहतर सिंचाई, बेहतर खेती एवं आधुनिक तकनीकों के प्रसार की पहल से किसानों की मदद कर रही हैं। पश्चिमी राजस्थान में मरू सागर डेयरी और बाड़मेर उन्नति ने दूध खरीद प्रणाली को सशक्त बनाया है, चरागाहों के विकास में मदद की है, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया है तथा 45 करोड़ लीटर से अधिक जल संरक्षण कर कृषि स्थायित्व में योगदान दिया है।
वेदांता ने कहा हेै कि वह ग्रामीण परिवारों के सदस्यों के कौशल विकास एवं मवेशियों की देखभाल में भी निवेश करती है। समूह उड़ीसा और झारखण्ड में आयरन ओर कारोबार, किसानों को मशरूम की खेती, कम्पोस्टिंग, मधुमक्खी पालन और खेती के वैज्ञानिक तरीकों में प्रशिक्षण प्रदान करता है। कंपनी राजस्थान, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और झारखण्ड में महिलाएं एफपीओ एवं स्वयं-सहायता समूहों का प्रबन्धन करती हैं, कृषि एवं डेयरी कारोबार चलाती हैं।

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