नयी दिल्ली, 23 नवंबर (वार्ता) उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री धनसिंह रावत सरकारी नौकरियां बेच रहे हैं और इसके बदले उम्मीदवारों से 20-20 लाख रुपए रिश्वत में ले रहे हैं। श्री गोदियाल ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन से इतर पत्रकारों से कहा कि उत्तराखंड में लूट मची है। भ्रष्टाचार चरम पर है और राज्य सरकार के मंत्री नौकरियां देने के लिए उम्मीदवारों से लाखों रुपए रिश्वत में ले रहे हैं। खुद भाजपा के विधायक यह आरोप लगा रहे हैं और इस संबंध में उनके पास प्रमाण हैं। उन्होंने कहा “आज से नहीं, बल्कि पिछले चार साल से मैं यह बात कह रहा हूँ और यह बात सिर्फ मैं ही नहीं कह रहा हूँ। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने स्वयं पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को अवगत कराया था कि सहकारिता विभाग की नौकरियां 20-20 लाख रुपये में बेची जा रही हैं। वह पत्र मेरे पास भी उपलब्ध है, यदि आपको चाहिए तो मैं आपको दे सकता हूँ।” उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस मंत्री के बारे में उनकी ही पार्टी के विधायक लिखित आरोप लगा रहे हों कि वह 20-20 लाख में नौकरियां बेच रहे हैं, उस पर मेरा यह कहना बिल्कुल सही है कि नौकरियों को बेचने का एक कारोबार चल रहा है।
उन्होंने कहा “मैं आपको एक और बात बता दूँ। वर्ष 2020 की शुरुआत में कोविड के दौरान हालात ऐसे थे कि स्कूटर निकालने की भी अनुमति नहीं थी और 10-5 किलोमीटर के दायरे में भी स्कूटर से जाने पर पाबंदी थी। ऐसे समय में उत्तराखंड सरकार में मंत्री धनसिंह रावत ने नोएडा में 1100 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की। इन परीक्षाओं में कौन लोग शामिल हुए और उत्तराखंड से जब आने का जरिया नहीं था तो उस परीक्षा में कौन लोग शामिल हुए और वे उसमें कैसे पहुंचे ,उनके आने-जाने का क्या जरिया था। यह सब साफ संकेत देता है कि भाजपा के विधायकों द्वारा लगाए गए आरोप कि 20-20 लाख में नौकरियां बेची गईं—अब सिर्फ आरोप नहीं रह गए हैं, बल्कि धीरे-धीरे विश्वास में बदलते जा रहे हैं। दूसरी बात यह है कि भाजपा के बड़े नेताओं को धनसिंह रावत जी से इतना प्रेम क्यों है। क्या इसलिए कि उन्होंने 20-20 लाख में नौकरियां बेचीं। यही सवाल बार-बार खड़ा होता है।” श्री गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार बहुत गंभीर मामला है और अगले विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा होगा।

