रीवा:मंगलवार को जनसुनवाई में एक दिव्यांग अपनी फरियाद लेकर पहुंचा. जीवित को मृत बताकर अंत्येष्टि का पैसा निकाल लिया गया. इसकी जानकारी तब हुई जब शिकायतकर्ता शासन की योजना का लाभ लेने नगर पंचायत पहुंचा. तो उसे बताया गया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है. फिलहाल कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है.
एक दिव्यांग व्यक्ति को मृत बात कर उसके अंत्येष्टि का पैसा निकाल लिया गया और जीते जी जीवित व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन अब वह अपने जीवित होने का प्रमाण लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा है.
दरअसल यह मामला रीवा जिले के मनगवा नगर पंचायत का है. पंचायत क्षेत्र में रहने वाले वार्ड नंबर 14 के निवासी रमेश साकेत नामक व्यक्ति शासन की योजना का लाभ लेने 5 दिसंबर को नगर पंचायत कार्यालय पहुंचा था. जब उसने आवेदन दिया तो पता चला कि 19 मार्च 2023 को उसकी मृत्यु हो चुकी है, नगर पंचायत के द्वारा शासन की योजना अनुसार 5 हजार में उसका अंतिम संस्कार किया गया है.
उसे कर्मचारियों ने यह भी बताया की अंत्येष्टि की राशि स्वीकृति होकर बैंक खाते के माध्यम से निकाली भी जा चुकी है. फिलहाल फरियादी रमेश साकेत को शासकीय योजना का लाभ तो नहीं मिला, शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सडक़ दुर्घटना का शिकार हो गया था जिसका इलाज रीवा के संजय गांधी अस्पताल के बाद नागपुर में चला. हादसे के बाद वह पूरी तरह विकलांग हो चुका है और शासन की योजना का लाभ लेने के लिए वह नगर पंचायत पहुंचा था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत के लोगों ने ना सिर्फ उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया बल्कि अंत्येष्टि के नाम पर पैसा भी खा गए. हालांकि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले की जांच कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.
