भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए वर्ष 2025-26 के बजट को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत 90.67 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।कैबिनेट ने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा सुधार करते हुए राज्य शासन के स्थायी और अस्थायी पदों के बीच लंबे समय से चला आ रहा अंतर समाप्त करने का निर्णय लिया।
अब पदों के 10 वर्गीकरण के स्थान पर केवल 5 श्रेणियां रहेंगी। साथ ही कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के पदों को सांख्येतर घोषित कर, इन पर नई नियुक्तियां नहीं करने का फैसला किया गया।डिप्टी मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि राधवपुर बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए 1782 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में 5512 करोड़ रुपये की लागत वाली सिंचाई योजनाओं को गति मिलेगी। परियोजना से करीब 71,967 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 125 मेगावॉट बिजली उत्पादन भी संभव होगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सड़क परियोजना के अंतर्गत 3810 विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई। उद्यम क्रांति योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 905 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि विज्ञान केंद्रों की तर्ज पर 48 करोड़ रुपये की लागत से छह वन विज्ञान केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी मिली।
बैठक में आगामी कल 17 दिसंबर को प्रस्तावित मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सत्र प्रदेश और सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसका सुचारु और बाधारहित संचालन सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
