लंबे समय से अपराध नहीं करने वालों को सूची से हटाया

भोपाल। डीसीपी कार्यालय जोन–4 में 20 साल से कोई भी अपराध नहीं करने वाले लोगों को सूची से अलग किया गया है. कार्यालय में माफी के लिए लाए गए गुण्डा और निगरानी बदमाशों को समझाइश भी दी गई. साथ ही नई रूप से सूची में जोड़े गए गुण्डा और निगरानी बदमाशों को भी डीसीपी कार्यालय में बुलाकर समझाया गया कि वे अपराध की दुनिया से अलग होकर माफी में आने का प्रयास करें. इसी अभियान के तहत 21 बदमाशों के लगातार आपराधिक गतिविधि मे संलिप्त रहने के कारण उनके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई किए जाने के लिए पुलिस आयुक्त को प्रकरण बढ़ाया गया. बीते 45 दिनों तक चलाए गए इस अभियान के प्रथम चरण में गुण्डा और निगरानी सूचियों को अद्यतन किया गया है. ऐसे बदमाश जिनकी तरफ से अपने आचरण में सुधार नहीं किया जाएगा और जो निरंतर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहेंगे, उन्हें गुण्डा-निगरानी सूची में जोड़े जाने की कार्रवाई 15 जनवरी 2026 से प्रारंभ होने वाले अभियान के द्वितीय चरण में पूर्ण करते हुए सूचियों को पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा.

नगरीय पुलिस भोपाल के अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से गुण्डा एवं निगरानी बदमाशों की सूची की व्यापक समीक्षा करते हुए विशेष अभियान चलाया गया है.

इस अभियान के तहत ऐसे गुण्डा एवं निगरानी बदमाश, जो लम्बे समय से निष्क्रिय थे और जिनके खिलाफ कई वर्षों से कोई आपराधिक गतिविधि दर्ज नहीं हुई थी, उन्हें गुण्डा औऱ निगरानी सूची से अलग किया गया. माफी में लाए गए कुछ बदमाशों ने लगभग 20 वर्षों से कोई अपराध घटित नहीं किया है. इसके साथ ही, जिन गुण्डा और निगरानी बदमाशों की मृत्यु हो चुकी है, उन्हें भी सूची से हटाया गया है. बता दें कि कुछ बदमाशों की मृत्यु लगभग 3 साल पहले हो चुकी थी, जिन्हें इस अभियान के अंतर्गत सूची से अलग किया गया है.

बीते 1 नवंबर से प्रारंभ इस अभियान के अंतर्गत कुल 20 गुण्डा, बदमाशों को सूची से अलग किया गया, जिनमें से 13 गुण्डा बदमाशों की मृत्यु हो जाने के कारण और 7 गुण्डा बदमाशों के खिलाफ कम से कम 10 वर्षों से कोई अपराध घटित न पाए जाने के कारण उन्हें सूची से हटाया गया.

इसी प्रकार कुल 10 निगरानी बदमाशों को निगरानी सूची से अलग किया गया, जिनमें से 2 निगरानी बदमाशों की मृत्यु हो जाने के कारण तथा 8 निगरानी बदमाशों द्वारा कम से कम 10 वर्षों से कोई आपराधिक गतिविधि न किए जाने के कारण उन्हें निगरानी सूची से हटाया गया है. इसके अतिरिक्त, कुछ गुण्डा/निगरानी बदमाशों को गंभीर बीमारी से ग्रसित होने, दिव्यांग हो जाने तथा उनके आचरण में अपेक्षित सुधार पाए जाने के कारण भी सूची से पृथक किया गया है.

इस कार्रवाई के साथ-साथ नवंबर से चल रहे अभियान के अंतर्गत वर्तमान में सक्रिय और लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त 80 गुण्डा बदमाशों को गुण्डा सूची में जोड़ा गया है. साथ ही, लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर 6 निगरानी बदमाशों को भी निगरानी सूची में सम्मिलित किया गया है.

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