
इंदौर. शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में जिला और तहसील स्तर पर कुल 17,771 प्रकरणों का निराकरण किया. इस दौरान विभिन्न श्रेणियों के मामलों में 60 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के अवार्ड और डिक्री पारित की गई, वहीं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में भी बड़ी राशि जमा हुई.
जिला न्यायालय परिसर सहित श्रम न्यायालय, कुटुंब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम और बाह्य न्यायालयों डॉ. अंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर और हातौद में सुबह 10:30 बजे से नेशनल लोक अदालत की कार्यवाही शुरू हुई. यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश के मार्गदर्शन में हुआ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिवराज सिंह गवली ने बताया कि 84 खंडपीठों में आपराधिक, सिविल, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, वैवाहिक, विद्युत, श्रम और बैंक रिकवरी सहित 3,756 प्रकरणों में 60 करोड़ रुपए से अधिक के अवार्ड पारित किए. इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के तहत जलकर के 2,354 मामलों में करीब 1.54 करोड़ रुपए और संपत्तिकर के 11,371 प्रकरणों में 23.04 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा कराई गई. इसी तरह बैंक रिकवरी, बीएसएनएल, विद्युत, फाइनेंस कंपनियों सहित अन्य श्रेणियों के 290 प्रकरणों में भी एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली और मुआवजे के आदेश पारित किए. लोक अदालत के जरिए बड़ी संख्या में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का तुरंत समाधान होने से पक्षकारों को राहत मिली.
