
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित कर राज्य में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर सरकार की नीतियों, आर्थिक कुप्रबंधन और “जन-विरोधी” निर्णयों को लेकर आरोप लगाए। प्रेस वार्ता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संबोधित किया। इस दौरान कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य कमलेश्वर पटेल, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक भी मौजूद रहे।
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक स्थिति “चिंताजनक” हो चुकी है और मध्यप्रदेश ₹4.75 लाख करोड़ के भारी कर्ज़ के बोझ तले दबा है। उन्होंने सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी के बावजूद छात्रों की संख्या घटी है, शिक्षक नहीं हैं और कई कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।
उन्होंने निवेश प्रस्तावों के धरातल पर न उतरने, बढ़ती बेरोजगारी और महंगी इन्वेस्टर मीट को भी निशाने पर लिया, जिसके बावजूद “वास्तविक रोजगार” नहीं मिल सका। पटवारी ने किसानों की बदहाली, खाद की कमी, भुगतान में देरी और शराब व ड्रग माफिया को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए।
उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा के 22 साल के शासन के बावजूद मध्यप्रदेश “बीमारू राज्य” की श्रेणी से बाहर नहीं निकल सका। उन्होंने डॉक्टरों की गंभीर कमी, उच्च मातृ मृत्यु दर, कुपोषण और अवरुद्ध विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार की आलोचना की। सिंघार के अनुसार सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर विजेन डॉक्यूमेंट को महज “प्रचार दस्तावेज़” बना दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के मुद्दों पर सरकार को लगातार जवाबदेह बनाती रहेगी।
