सतना : जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का अभियान बुधवार से आरंभ हो गया. अभियान के पहले दिन 76 फीसदी बच्चों की जांच की गई. यह टास्क अभियान पखवाड़े भर तक जारी रहेगा.मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 15 दिवसीय अभियान बुधवार से आरंभ हो गया. इस अभियान का शुभारंभ पतेरी स्थित प्राथमिक शाला में बुधवार की सुबह किया गया.
जहां पर सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, स्टेट कोआर्डिनेटर डॉ. देवेंद्र सिंह तोमर और जिला मलेरिया अधिकारी शीला सोनकर सहित स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा. बताया गया कि टास्क अभियान का लक्ष्य 452 बच्चों का रखा गया था. जिसमें बुधवार को क्यूफैट किट द्वारा 346 बच्चों का परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में कोई भी बच्चा फाइलेरिया पॉजिटिव नहीं पाया गया. इस लिहाज से देखा जाए तो अभियान के पहले दिन 76 प्रतिशत बच्चों का परीक्षण किया गया.
अमरपाटन रहा आगे
ब्लॉक स्तर पर जारी आंकड़ों के अनुसार बच्चों की हुई फाइलेरिया जांच के मामले में मैहर का अमरपाटन सबसे आगे रहा. अमरपाटन में 64 बच्चों की जांच की गई. जिसके बाद मझगवां में 55, उचेहरा में 45, मैहर में 44, नागौद में 35, सतना नगर में 35, देवराज नगर में 26, रामपुर बघेलान में 23 और कोठी में सबसे कम 19 बच्चों की जांच की गई. सतना-मैहर के सभी 9 ब्लॉक में कुल 35 विद्यालयों के बच्चों की जांच की गई
