पशु चिकित्सको की कमी से पशुओं का इलाज प्रभावित

सीधी। जिले में संचालित पशु चिकित्सालयों एवं पशु औषधालयों में चिकित्सकों के स्वीकृत पद लम्बे समय से रिक्त पड़े हुए हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते बीमार पशुओं के उपचार में पशु पालको को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति कई सालों से निर्मित है।

बताते चले कि सीधी जिले में 24 पशु चिकित्सालयों एवं 41 पशु औषधालयों का संचालन हो रहा है। वर्तमान में पशु चिकित्सालयों में केवल 8 चिकित्सक पदस्थ हैं वहीं 26 पद खाली हैं। इसी तरह जिले में तीन गर्भाधान केन्द्र संचालित हैं। जिनमें स्वीकृत पद के अनुसार पदस्थापना है। जबकि कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र 40 संचालित हो रहे हैं, इनमें 3 दर्जन पद रिक्त हैं। पशु चिकित्सा विभाग से संबद्ध अन्य शाखाओं में भी कर्मचारियों की कमी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 26 पशु चिकित्सक एवं 43 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की पदस्थापना सीधी जिले में हो जाए तो पशुओं के उपचार में आ रही दिक्कतें दूर हो सकती हैं। जिले में पशु चिकित्सको एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की कई सालों से कमी है। स्वीकृत पद के अनुसार पशु चिकित्सालयों एवं पशु औषधालयों में पदस्थापना न होने के कारण पशु पालको को अपने बीमारू पशुओं का उपचार कराने के लिए भटकना पड़ता है। बताया गया है कि जिले में पशुओं के उपचार के लिए 24 पशु चिकित्सालय एवं 41 पशु औषधालयों का संचालन तो किया जा रहा है लेकिन आधे से अधिक चिकित्सालयों एवं औषधालयों में उपचार करने के लिए चिकित्सक ही नहीं हैं। लिहाजा यहां पदस्थ अन्य कर्मचारी बीमारू पशुओं का उपचार काम चलाऊ करते हैं। यदि उनके उपचार से बीमार पशु ठीक हो गए तो अच्छी बात है अन्यथा हालत और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। पशुओं की उपचार व्यवस्था सीधी जिले में करीब एक दशक से लगातार दयनीय होती जा रही है। इसका मुख्य कारण पुराने चिकित्सको एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के सेवा निवृत्त होने के बाद रिक्त पदो पर पदस्थापना न होना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पशु चिकित्सको एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की कमी समूचे प्रदेश में है। शासन स्तर से भर्ती न होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। जो कुछ भर्ती बीच में हुई है उसमें सीधी जिले में काफी कम पदस्थापना की गई है।

जिले में संचालित पशु संस्थाएं

जिले में संचालित पशु संस्थाओं में विकासखंड सीधी में 4 पशु चिकित्सालय, 11 पशु औषधालय, एक कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, 13 कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र समेत कुल 29 हैं। इसी तरह सिहावल विकासखंड में 6 पशु चिकित्सालय, 8 पशु औषधालय, 12 कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र समेत 26 हैं। रामपुर नैकिन विकासखंड में 6 पशु चिकित्सालय, 12 पशु औषधालय, 2 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, 15 कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र समेत कुल 35 हैं। मझौली विकासखंड में 4 पशु चिकित्सालय, 5 पशु औषधालय समेत कुल 9 संस्थाएं हैं। कुसमी विकासखंड में 4 पशु चिकित्सालय, 5 पशु औषधालय समेत 9 संस्थाएं हैं। इस तरह सीधी जिले में 24 पशु चिकित्सालय, 41 पशु औषधालय, 3 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, 40 कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र समेत कुल 108 पशु संस्थाएं संचालित हो रही हैं। इनमें पदस्थ अमला शहरी क्षेत्र में तो ड्यूटी नियमित रूप से कर रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी ड्यूटी पूरी तरह से मनमौजी चल रही है।

इनका कहना है

सीधी जिले में पशु चिकित्सकों के स्वीकृत 36 पद में केवल 8 ही पदस्थ हैं, उसमें भी एक डॉक्टर को पैरालिसिस हो गया है।

डॉ.अमित सोनी, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं सीधी

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