इंदौर:शहर में विकास के लिए हर तरफ सड़कों का निर्माण किया जा रहा है यहां सड़कें भविष्य के लिए सुविधाजनक तो हो सकती है लेकिन इस कार्य के लिए वर्तमान में लोगों के घर, मकान, दुकान, व्यापार की आहुति दी जा रही है.स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मार्ग निर्माण का मामला प्रिंस यशवंत रोड से सामने आया है. बताया जाता है कि सरवटे बस स्टैंड से गंगवाल बस स्टैंड तक बनने वाली सड़क का कार्य होना है.
इसके लिए गंगावाल से नया पीठा मच्छी बाज़ार तक जूनी इंदौर मुक्तिधाम से हाथीपाला तक कार्य किया गया. वर्तमान में चंद्रभागा मार्ग पर कार्य चल रहा है जहां कई भवन दुकानों को हटाया गया. अब नगर निगम ने प्रिंस यशवंत रोड़ के दुकानों और मकान मालिकों को नोटिस जारी किए है, इसी के साथ यह भी कहा जा रहा है कि मार्ग अस्सी फीट चौड़ा किया जाएगा. जबकि यह मार्ग वर्तमान में साठ फीट है.
वर्षों पुराने इन मकानों को हटाने के बाद कई लोग बेघर होने वाले है और जो अपना जीवन एक ही दुकान में खपा चुके है अब वह भी बेरोज़गारी की मार झेलने वाले हंै. इस कार्रवाई का विराध करते हुए व्यापारी और निवासियों ने अपने रोज़गार और घरों को बचाने के लिए जगह-जगह बैनर लगाए हुए हैं. अब सवाल यह उठता है कि वर्षों पुराने मास्टर प्लान के अंतर्गत सड़कें बनाई जाएंगी तो यहां निर्माण कैसे हुए? साथ ही राजस्व निभाग इनसे वसूली क्यों करते आ रहा है. वहीं यहां पर रजिस्टि्रयां भी हुई है और लोग हर तरह का कर चुका रहे हैं.
इनका कहना है
स्मार्ट सिटी के तहत सड़क चौड़ी करने की बात करते हैं. सरकार को महानगर जैसे मुंबई-दिल्ली पर भी नजर डालनी चाहिए. वहां पुराने क्षेत्रों को ध्वस्त किए बगैर नए क्षेत्र विकसित किए गए हैं.
– देवराज खन्ना, रहवासी
चौबीस घंटे कैमरे लगा कर वॉच किया जाए. यहां एक पल के लिए भी जाम नहीं लगता. चंद्रभागा से मोती तबेला से मच्छी बाज़ार मिला दिया जाए और प्रिंस यशवंत रोड़ को वन वे कर दिया जाए.
– प्रदीप पपनानी, व्यापारी
सरकार बताए क्या हम चौदह प्रकार का टैक्स नहीं भरते. पांच तरह का किराया नहीं देते. फिर भी आप एक सड़क के लिए कई व्यापारी और परिवारों को क्या भूखा मारना चाहते हैं.
– राजेश नंदवानी, व्यापारी
