
नीमच। जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मनासा विकासखंड की ग्राम पंचायत टामोटी के शिवपुरिया चक्कीवाला गांव में सरकारी भूमि पर चल रही अवैध गांजे की खेती का पर्दाफाश किया गया। कुकड़ेश्वर थाना प्रभारी भीमसिंह सिसोदिया को मिली गुप्त सूचना पर मनासा और रामपुरा थाना पुलिस के साथ एक संयुक्त टीम गठित की गई।
भारी पुलिस बल के साथ टीम जब खेत पर पहुंची, तो वहां खुलेआम लहलहा रही गांजे की फसल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके पर बुलाए गए हल्का पटवारी से जमीन की नाप-जोख कराई गई, जिससे पुष्टि हुई कि यह पूरी भूमि शासकीय संपत्ति थी। इससे स्पष्ट हुआ कि किसी व्यक्ति या संगठित गिरोह ने बिना किसी कानूनी अधिकार के सरकारी जमीन पर कब्जा कर इस अवैध खेती को अंजाम दिया था।
खेत से कुल 3 क्विंटल 25 किलोग्राम ताजे गांजे के पौधे जब्त
पुलिस ने खेत से कुल 3 क्विंटल 25 किलोग्राम ताजे गांजे के पौधे जब्त किए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, जब्त किए गए सभी पौधों को मौके पर ही आग लगाकर नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
टीआई बोले- इतनी खेती में गिरोह शामिल हो सकता है
थाना प्रभारी ने आशंका व्यक्त की है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेती अकेले किसी व्यक्ति का काम नहीं हो सकती। इसके पीछे एक संगठित गिरोह, सप्लाई चेन और स्थानीय मददगार तत्वों के शामिल होने की संभावना है। पुलिस की टीमें अब इस नशे की खेती को बढ़ावा देने वाले मास्टरमाइंड की तलाश, पौधों के बीज के स्रोत का पता लगाने और तैयार माल के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई हैं।
यह पठारी इलाका पहले भी नशे की फसलों का केंद्र रहा है। कुछ माह पूर्व ही गांव आमद में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई थी। इस क्षेत्र में बार-बार अवैध फसलों का पकड़ा जाना संकेत देता है कि कोई संगठित गिरोह इस इलाके को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाने का प्रयास कर रहा है। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क के और भी बड़े खुलासे संभव हैं।
