मोहनगढ़: मोहनगढ़ में किले के दरवाजे के पास कुम्हेड़ी रोड पर मेडिकल वेस्टेज एवं एक्सपायरी दवाइयां नष्ट करने की जगह सड़कों के किनारे फेक दी गई जो जीव जंतुओं एवं मनुष्यों के लिए खतरा बनी हुई है। मेडिकल वेस्टेज एवं एक्सपायरी दवाइयां गाइडलाईन के अनुसार एक निश्चित स्थान पर नष्ट करने का प्राबधन है इसके बावजूद भी मोहनगढ़ क्षेत्र में यह मामला सामने आते ही लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
पता चला कि सड़क किनारे फेंका गया मेडिकल वेस्टेज एवं एक्सपायरी दवाई किसी सरकारी अस्पताल प्रबंधन के द्वारा नहीं फेंकी गई बल्कि यह मेडिकल वेस्टेज एवं एक्सपायरी दवाइयां अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे झोलाछाप डॉक्टरों एवं मेडिकल संचालकों के द्वारा बेपरवाह होकर फेंकी गई है। जिसमें टेबलेट, इंजेक्शन, सीरप, पाउडर के साथ अन्य प्रकार की दवाएं शामिल है।
मोहनगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल के साथ अस्पताल किराने की दुकान की तरह खोले गए है। जिसमें फार्मासिस्ट कोई और दुकान का संचालन कोई और कर रहा है और मेडिकल दुकान का एरिया के साथ अन्य नियमों में कमी है। प्रत्येक मेडिकल पर एक्सपायरी दवाओं का स्थान अलग होना चाहिए। इसके रजिस्टर को रखना चाहिए। तीन महीने तक कंपनी वापस लेती है। या फिर बॉयो मेडिकल वेस्ट सिस्टम को दवा नष्ट करने के लिए दे देना चाहिए। खुले में दवा को जलाने से वायु प्रदूषण, बीमारियों का खतरा बढ़ता है। दवा किसी जगह फेंकने से वहां का वातावरण के साथ जमीन व पानी भी प्रभावित होता है।
दवा व प्लास्टिक जलाने से वायु प्रदूषण होता है। इससे लोगों को सांस लेने के साथ अस्थमा व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। जमीन में लगातार दवा फेंकने से वहां की मिट्टी में इसका असर दिखाई देता है। वह भी दूषित होती है ऐसे जगहों के आसपास बोरिंग व पानी की उपलब्धता में केमिकल मिल सकता है। इसके अलावा मवेशी के इस जगहों पर घास व फैली दवा खाने से मौत तक हो जाती है। मोहनगढ़ क्षेत्र के लोगों ने इस समस्या की ओर ध्यान देने का प्रशासन से आग्रह किया है।
लापरवाही करने बालो पर होगी कार्यवाही
जब इस विषय में ड्रग इंस्पेक्टर दीपक नामदेव से बात की गई तो उन्होंने बताया की इस प्रकार की लापरवाही करने वालों के विरुद्ध पॉल्यूशन डिपार्मेंट को कार्यवाही करने का अधिकार है लेकिन यदि किसी मेडिकल या क्लीनिक संचालक के द्वारा नष्ट करने की जगह सड़क किनारे खुले में बेस्ट मेडिकल फेंका गया तो मैं पता करता हूं यदि सही है तो पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पॉल्यूशन डिपार्मेंट के साथ मिलकर कार्यवाही करने का काम किया जाएगा।
