जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को उस जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है, जिसमें गंभीर रूप से घायल गैस पीडि़तों को एक विशेष श्रेणी के लिए अतिरिक्त मुआवजा देने की मांग की गई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 19 जनवरी को नियत की है।
भोपाल गैस पीडि़त महिला पुरुष संघर्ष मोर्चाए भोपाल गैस पीडि़त स्टेशनरी महिला कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीडि़त निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा और भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन ने एक याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि गंभीर रूप से घायल गैस पीडि़तों को अस्थायी विकलांगता और मामूली चोट के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत किया गया था, जिससे उन्हें वर्षों तक कम मुआवजा मिला।
गंभीर रूप से घायल गैस पीडि़तों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस मामले में हाईकोर्ट ने 11 अगस्त 2025 को केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी जवाब मांगा था। मामले पर गुरूवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब पेश करने अतिरिक्त मोहलत मांगी गई।
