
सीधी।जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने भाजपा सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जब अपनी ही सरकार में भाजपा सांसद के पुत्र को न्याय के लिए दफ्तर–दफ्तर भटकना पड़े, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया व समाचार माध्यमों से यह बात सामने आई कि सीधी के भाजपा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के पुत्र डॉ. अनूप मिश्रा और बहू डॉ. बीना मिश्रा अपने काम के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर चैंबर के बाहर जनसुनवाई हेतु बैठ गए। दोनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक हमारा काम नहीं होगा, हम यहीं बैठे रहेंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि जानकारी के अनुसार सांसद पुत्र दंपति कलेक्टर चैंबर के बाहर वेटिंग हॉल में बनी सीमेंट की कुर्सियों पर बैठकर इंतजार करते रहे, जबकि कलेक्टर उस समय कार्यालय में मौजूद नहीं थे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सांसद पुत्र डॉ. अनूप मिश्रा सोशल मीडिया में कहते नजर आ रहे हैं कि कि एआरटी एवं सेरोगेसी क्लीनिक के लिए 2022 में आवेदन कर दिया गया था और 2 लाख रुपये की फीस जमा कर दी गई थी सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए थे विभागीय निरीक्षण भी हो चुका है फिर भी आज तीन साल बीत जाने पर भी अब तक पंजीयन प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। जबकि उसी समय रीवा में किए आवेदन का निराकरण हो गया पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रक्रिया लटकाई गई, और अब जिला प्रशासन की ओर से टालमटोल की जा रही है। इसी विवशता में वे जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर से मिलने पहुंचे और अर्जी देकर काम कराने की गुहार लगाने का निर्णय लिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा जब भाजपा के सांसद का पुत्र स्वयं कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहा है और उसका काम नहीं हो रहा, तो स्पष्ट है कि भाजपा सरकार में नौकरशाही पूरी तरह निकम्मी व भ्रष्ट हो चुकी है। ऐसे में आम जनता की सुनवाई होना तो लगभग असंभव है। उन्होंने आगे कहा कि यह घटना भाजपा शासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों के परिवारजन तक न्याय के लिए भटक रहे हों तो आम नागरिकों की स्थिति का अनुमान स्वाभाविक है उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रकरण भाजपा राज की अव्यवस्था, अराजकता और निष्क्रिय नौकरशाही का ज्वलंत उदाहरण है।
