रीवा:समर्थन मूल्य पर की जाने वाली खरीदी के लिए जिन विक्रेता एवं समिति प्रबंधकों को उपार्जन प्रभारी बनाया गया है, ज्यादातर ऐसे कर्मचारी हैं जिन पर सरकारी राशि का गबन एवं समर्थन मूल्य की खरीदी पर भी दाग लग चुके हैं. ऐसा ही एक मामला उपार्जन केन्द्र हर्दी क्रमांक-2 गौरी का सामने आया है जिसमें लालता प्रसाद द्विवेदी विक्रेता गौरी को उपार्जन का प्रभारी बनाया गया है. खास बात यह है कि लालता प्रसाद पर खाद्यान्न विक्रय, खाद विक्रय में 40 लाख रुपए के गबन का आरोप बताया गया है.
खास बात यह है कि वर्ष 2020-21 में खाद्यान्न की कालाबाजारी में खाद्य निरीक्षक रोहित सिंह द्वारा की गई जांच में 4 लाख 77 हजार 348 रुपए का गबन करना पाया गया था. उनके विरुद्ध थाना शाहपुर में 20 जनवरी 2021 को 3/7-409 का अपराध पंजीबद्ध कराया गया था. एक वर्ष तक वह फ रार रहे तथा 14 दिन जेल में भी बिताए हैं. उक्त शिकायत अभिनंदन पटेल ग्राम गौरी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को भी की गई है.
खाद बिक्री के नही जमा किये थे पैसे
लालता प्रसाद द्विवेदी विक्रेता गौरी द्वारा वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021 तक खाद वितरण किया गया था. जिसमें लगभग 13 लाख रुपए की खाद बेची गई थी. बताया गया है कि उक्त राशि को विक्रेता श्री द्विवेदी द्वारा बैंक में जमा ही नहीं की गई और उसे गबन कर लिया गया. इतना ही नहीं वर्ष 2019-20 में कलेक्टर खाद्य जिला रीवा के पत्र क्रमांक/खाद्य/2020 के अनुसार 3 लाख 26 हजार 691 रुपए की खयानत भी प्रमाणित पाई गई.
लालता प्रसाद द्विवेदी विक्रेता पर 3/7 का अपराध पाए जाने पर इन्हें कई बार सेवा से पृथक भी रखा गया. खास बात यह है कि कार्यालय कलेक्टर खाद्य जिला रीवा के पत्र क्रमांक 241/खाद्य/2023 रीवा दिनांक 23.2.23 के अनुसार दुकान गौरी कोड 2505066 में 234 क्विंटल खाद्यान्न की राशि 6 लाख 32 हजार 854.35 रुपए की वसूली आज दिनांक तक नहीं की गई.
सहकारिता अधिकारी की मेहरबानी
सेवा सहकारी समिति गौरी में विक्रेता के पद पर पदस्थ लालता प्रसाद द्विवेदी द्वारा 40 लाख रुपए का गबन कर संस्था एवं शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले विक्रेता को सहकारिता अधिकारी ने उपकृत कर दिया है. ताज्जुब की बात यह है कि जिस विक्रेता पर खाद्यान्न एवं खाद में कालाबाजारी कर खयानत किए जाने के तथ्य जांच में मिले हैं, उन्हें सेवा से पृथक करने की जगह उचित मूल्य की दुकान में विक्रेता का पद देने के साथ-साथ उपार्जन केन्द्र हर्दी क्रमांक-2 गौरी का उपार्जन प्रभारी बना दिया.
