
भोपाल: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, इंदिरा भवन में गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें मतदाता सूची के जारी पुनरीक्षण अभियान में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम या तो हटा दिए गए हैं या उन्हें मनमाने ढंग से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, संगठन महामंत्री डॉ. संजय कॅामले, प्रशिक्षण विभाग के प्रभारी महेंद्र जोशी, मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रभारी ललित सेन, वरिष्ठ नेता जे.पी. धनोपिया तथा प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता और जितेंद्र मिश्रा ने संबोधित किया।
हरीश चौधरी के आरोप
हरीश चौधरी ने निर्वाचन आयोग पर अपने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम या तो गायब हैं या गलत तरीके से स्थानांतरित कर दिए गए हैं। उनका दावा था कि आयोग “सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव” में काम कर रहा है।
उन्होंने 14 दिसंबर को दिल्ली में विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) से जुड़े मुद्दों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की और कहा कि कांग्रेस “हर उस मतदाता की रक्षा करेगी जिसका नाम गलत तरीके से हटाया या बदला गया है।”
जीतू पटवारी का ‘वोट प्रोटेक्टर अभियान’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घोषणा की कि बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों को देखते हुए पार्टी ‘वोट प्रोटेक्टर अभियान’ शुरू करेगी।
उन्होंने बताया कि 4 दिसंबर से जारी नई मतदाता सूची की निगरानी के लिए प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जाएंगे, जो “वोट प्रोटेक्टर” की भूमिका निभाएंगे। ये एजेंट वार्ड और बूथ स्तर पर प्रविष्टियों की जांच करेंगे, दावों-आपत्तियों पर नजर रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने की जिम्मेदारी लेगी, जिन्हें या तो जानबूझकर हटाया गया है या जो पहली बार पंजीकरण के लिए पात्र हैं।
दिग्विजय सिंह की फर्जी प्रविष्टियों पर चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए नरेला का उदाहरण दिया, जहां चार सदस्यों वाले एक घर में 108 नाम दर्ज पाए गए। इसे उन्होंने “संगठित धोखाधड़ी” बताया।
उन्होंने 2023 से 2025 के बीच BLOs, पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं को जोड़ना “लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर अपराध” है।
सज्जन सिंह वर्मा की SIR प्रक्रिया पर आलोचना
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की तीन घंटे लंबी बैठक में संगठन, प्रशिक्षण, SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के आचरण पर विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR बिना उचित तैयारी के लागू किया गया, जिससे भारी गड़बड़ियां सामने आई हैं। वर्मा ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्वालियर कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार का नाम गलत तरीके से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसे उन्होंने “घोर लापरवाही” बताया।
कांग्रेस का संकल्प
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की हेरफेर का दृढ़ता से विरोध करेगी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को न तो बर्दाश्त किया जाएगा और न ही अनदेखा।
