जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में पिछले एक साल में भी जवाब पेश नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने मामले में उक्त कास्ट की राशि ओआईसी को अपनी जेब से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एकाउंट में जमा कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को निर्धारित की है।
दरअसल यह मामला नरसिंहपुर निवासी शांति पटेल की ओर से दायर किया गया था। जिनकी ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा एवं शिवम शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने याचिकाकर्ता के पति पर उनकी मृत्यु के बाद वेतनमान की रिकवरी निकाली थी।
इस मामले में कोर्ट ने 17 सितंबर 2024 को जिला शिक्षा अधिकारी नरसिंहपुर सहित अन्य को नोटिस जारी किए थे। पिछले एक साल में विभाग की ओर से जवाब पेश करने कई बार मोहलत मांगी गई, लेकिन जवाब पेश नहीं किया गया। जिसके बाद न्यायालय ने कास्ट लगाते हुए जवाब के लिये अंतिम मोहलत प्रदान की है।
