रीवा: रीवा एवं मऊगंज जिले में एक ओर जहा अवैध उत्खनन हो रहा है वही दूसरी तरफ बगैर टीपी के गिट्टी का अवैध परिवहन भी बगैर रोक-टोक के चल रहा है. इतना ही नही कार्यवाही से बचने के लिये फर्जी टीपी (ट्रांजिट पास) का उपयोग किया जाता है. मऊगंज खनिज टीम ने कार्यवाही के दौरान फर्जी टीपी का मामला पकड़ा है जिसके बाद हडकम्प मच गया.
जानकार सूत्रो की माने तो रीवा एवं मऊगंज में बैठे लोग गिट्टी के अवैध परिवहन के लिये फर्जी टीपी तैयार कर अवैध कारोबार कर रहे है. रीवा से सैकड़ो ट्रक अवैध गिट्टी यूपी के लिये जाती है. इतना ही नही रीवा से होकर मैहर एवं कटनी से भी गिट्टी का अवैध परिवहन होता है. बकायदे दलाल बैठे हुए है जिनके माध्यम से बगैर रोक-टोक के यह कारोबार चलता है. खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही न किये जाने के चलते सरकार को जहा राजस्व का नुकसान होता है वही अवैध कारोबार करने वालो को खुली छूट मिली हुई है. खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है. बरसात के बाद से गिट्टी का अवैध परिवहन एक बार फिर शुरू हुआ है.
मऊगंज में पकड़े गये ट्रक के बाद कई सवाल खड़े हो गये है. खनिज विभाग ने भले ही वाहन को पकडक़र प्रकरण दर्ज किया हो, लेकिन इससे बड़े नेटवर्क पर अब तक शिकंजा नहीं कसा जा सका है. सवाल यह भी है कि यदि क्रैशर संचालक बिना लाइसेंस और फर्जी कागजों पर कारोबार चला रहा है, तो निगरानी करने वाले विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? रीवा और मऊगंज में फर्जी टीपी का नेटवर्क चल रहा है. जहा फर्जी टीपी तैयार की जाती है और बाहर से आने वाले ट्रको को दी जाती है. गिट्टी को लेकर रीवा में भी अगर कार्यवाही की जाय तो फर्जी टीपी के कई मामले पकड़ में आ सकते है.
जांच में मिली फर्जी टीपी
मऊगंज जिले में अवैध गिट्टी परिवहन और फर्जी टीपी (ट्रांजिट पास) के खेल का एक और मामला सामने आया है. खनिज विभाग मऊगंज की टीम ने गुरुवार को पिपराही से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे ट्रेलर बीआर 24 जीडी 3520 को चेकिंग के दौरान पकड़ा. जिसमें फर्जी तौर पर जारी टीपी के आधार पर गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, ट्रेलर मालिक ने बताया कि ‘हमें हर बार क्रैशर संचालक द्वारा ही टीपी उपलब्ध कराई जाती है. हम केवल गाड़ी चलाते हैं और वही लोग सारा कागजी काम कराते हैं. इस बार भी रीवा से टीपी काटकर, गाड़ी में गिट्टी पिपराही से लोड कराई गई, लेकिन जांच में कागजात फर्जी पाए गए
