इंदौर: नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा, अपहरण की रोकथाम और जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ पुलिस ने शहर में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया. इंटरएक्टिव सेशन के जरिए छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक उदाहरणों के साथ आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई.पुलिस कमिशनरेट ने बालिकाओं की सुरक्षा और हिंसा रोकथाम को लेकर खंडवा रोड स्थित एक निजी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया.
अभियान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह के निर्देशन में, डीसीपी जोन 1 कृष्ण लालचंदानी तथा एसीपी आज़ाद नगर रविन्द्र बिलवाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ. थाना प्रभारी देवेन्द्र मरकाम सहित पुलिस टीम भी मौजूद रही. सेशन में अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को गुड टच–बैड टच, आत्मरक्षा, पॉस्को एक्ट, नई भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, साइबर बुलिंग, डिजिटल फ्रॉड और सोशल मीडिया सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारियां दीं. ट्रैफिक नियमों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सावधानियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई.
छात्रों ने सवाल पूछकर सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिनका समाधान मौके पर ही किया. अधिकारियों ने छात्राओं को इंदौर पुलिस की महिला सुरक्षा सेवाओं महिला ऊर्जा डेस्क, शक्ति मोबाइल, गोपनीय शिकायत तंत्र और 24 गुना 7 उपलब्ध सहायता के बारे में अवगत कराया. इस दौरान डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि महिला अपराधों को लेकर पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है.
उन्होंने छात्रों को 112 और 1090 हेल्पलाइन नंबरों के महत्व की जानकारी दी. लड़कों को महिलाओं व बालिकाओं के सम्मान और जेंडर समानता को लेकर संवेदनशील बनने का संदेश दिया. कार्यक्रम के अंत में सभी को अपील की गई कि किसी भी छेड़छाड़, हिंसा या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहर में सुरक्षा और विश्वास का माहौल और मजबूत हो सके.
