
भोपाल: मंत्रालय अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को वरिष्ठ अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कई बार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को “उत्कृष्ट और अत्यंत प्रभावी पहल” बताया है, जो न केवल त्वरित और पारदर्शी शिकायत निवारण को लेकर जनता की उम्मीदें बढ़ाती है, बल्कि सरकार को जमीनी स्तर की वास्तविक प्रतिक्रिया भी उपलब्ध कराती है। स्वयं मुख्यमंत्री चयनित शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं, जो इस व्यवस्था के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है।
नायक के अनुसार नौकरशाही अब तक मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्वयं को नहीं ढाल पाई है। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों का स्तर एल-3 और एल-4 तक पहुंच जाता है—जो विभागीय प्रमुख स्तर के बराबर है—उन्हें सामान्यतः नीचे के स्तर पर ही निपटा दिया जाना चाहिए था। “इस योजना की वास्तविक सफलता इसी में है कि समस्याएँ वरिष्ठ स्तर तक पहुँचने से पहले ही हल कर दी जाएँ,” उन्होंने
अपने मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने 28 अगस्त 2025 को रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं सोसाइटीज़ से संबंधित शिकायत (संख्या 34131783) दर्ज की थी। निचले स्तरों पर कार्रवाई न होने के कारण यह मामला 12 सितम्बर को एल-3 स्तर तक पहुँचा। “दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई,” उन्होंने कहा। इसके बाद नायक ने 23 अक्टूबर को दूसरी शिकायत (संख्या 35019702) दर्ज की, जो भी 4 नवम्बर से एल-3 स्तर पर लंबित है।
नायक ने उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर अनुरोध किया है कि एल-3 स्तर के अधिकारी लंबित शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें।
