इंदौर:शहर के एबी रोड पर करोड़ों रुपए में बनाई गई बीआरटीएस की 11 किलोमीटर लंबी सडक़ आज भी लोगों के उपयोग में नहीं आ रही है. हालांकि ऐलान होने के बाद भी बीआरटीएस अब तक नहीं हटाया जा सका.जबकि शहर के बिगड़े यातायात से आम जनता बेहाल हो रही है.शहर में बढ़ते यातायात को लेकर हर दिन शहर की जनता परेशान होती दिखाई पड़ती है.
लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण वाहन चलाने के लिए अब सडक़ें कम पडऩे लगी हैं. नगर निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए बीआरटीएस बनाया, जो यातायात की परिस्थितियों को देखते हुए उचित कदम नहीं था. इस पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए और शहर की मुख्य सडक़ माने जाने वाले एबी रोड का बड़ा हिस्सा बीआरटीएस के लिए अधिग्रहित कर दिया गया.
निरंजनपुर चौराहा से लेकर राजीव गांधी चौराहा तक एबी रोड ऐसा मार्ग है, जो सुबह से लेकर देर रात तक व्यस्त रहता है. इस मार्ग से जुड़े सभी चौराहों में से एक भी ऐसा चौराहा नहीं है, जहां यातायात का भार नहीं हो, फिर भी इस मार्ग पर बीआरटीएस बनाने का प्रयोग किया गया. अब फिर करोड़ों खर्च कर इसे हटाने की कवायद चल रही है, लेकिन आज तक इस फरमान पर अमल नहीं किया गया और बीआरटीएस पर लगी रेलिंग हटाने की कोशिशें ठंडी पड़ गईं. अब शहर की जनता चाहती है कि बीआरटीएस की रेलिंग हटाने के कार्य को जल्दी पूर्ण किया जाए, ताकि वाहनों के चलने के लिए पर्याप्त सडक़ मिल सके.
यह बोले नागरिक
एबी रोड एक ऐसा मार्ग है, जो पूरे शहर की लाइफ लाइन कहा जाता है. यह दूसरे शहरों को भी इंदौर शहर से कनेक्ट करता है. ऐसे में इस मार्ग पर यातायात का भार ज्यादा होता है.
– मनोज ओझा
बीआरटीएस को बनाया जा रहा था, तब भी नागरिकों ने विरोध कर बताया था कि इससे शहर का यातायात प्रभावित होगा, तब प्रशासन ने नहीं सुना. अब इसे हटाने का ऐलान हुआ है तो जल्दी से लोगों को राहत देना चाहिए.
– रवि वर्मा
भविष्य की नीति को अनदेखा कर करोड़ों में इसका निर्माण कार्य हुआ और आज फिर से करोड़ों रुपए लगाकर इसे हटाया जाएगा. अदूरदर्शिता के कारण दोनों ही कार्य में निगम ने जनता के पैसे का नुकसान किया है.
– मनोज रावत
