लाहौर, 11 नवंबर (वार्ता) पाकिस्तान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी और प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. आरिफा सैयदा ज़हरा (83) का यहां सोमवार देर शाम निधन हो गया।
डॉ. आरिफा एक प्रख्यात शिक्षाविद्, विचारक और मानवाधिकारों की पैरोकार थीं। उन्होंने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में विशिष्ट ख्याति हासिल की। वह उर्दू साहित्य और भाषा के अपने विशद ज्ञान के लिए जानी जाती थीं। वह 50 से अधिक वर्षों तक शिक्षण के क्षेत्र से जुड़ी रहीं। उन्होंने शिक्षा और राष्ट्रीय सद्भाव पर प्रधानमंत्री की सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। लाहौर में जन्मी और पली-बढ़ी डॉ. आरिफा ने अमेरिका के हवाई विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की।
डॉ. आरिफा को मानवाधिकारों के अग्रदूतों में से एक माना जाता था। वह बेहद सरल भाषा में और विनम्रता भरे ढंग से अपने विचार प्रकट करती थीं। छोटे छोटे वाक्यों में भी गहरे अर्थों वाली बातें कह देने का उनका हुनर बेमिसाल था। वह सोशल मीडिया पर भी बहुत लोकप्रिय थीं।
