गंजबासौदा: नगर में आवारा पशुओं से लोगों का जीना दूभर हो गया है. हर गली-मोहल्ले में सांड, गाय और बछड़े भूखे-प्यासे भटकते नजर आते हैं. कई सांड हिंसक हो चुके हैं, जो राहगीरों पर हमला कर देते हैं. हाल ही में रिटायर्ड शिक्षक रामकिशन शर्मा को उनके घर के सामने सांड ने पटककर घायल कर दिया, जिससे उनकी पसली टूट गई. मुक्तिधाम में भी सांडों की मौजूदगी से दाह संस्कार करना मुश्किल हो गया है.
कई बार हिंसक सांडों के कारण वहां भगदड़ की स्थिति बन जाती है. नागरिकों और पार्षदों ने नगर पालिका से स्थायी सफाईकर्मी की नियुक्ति और मुख्य द्वार पर ताला लगाने की मांग की है, पर कार्रवाई नहीं हुई। सड़कों पर खड़े पशुओं से यातायात भी बाधित रहता है. गौशालाएं होने के बावजूद सांड और बैलों को वहां नहीं ले जाया जाता. पूर्व विधायक निशंक जैन ने कहा कि धर्मप्रेमी नागरिक और गौशाला संचालक आगे आकर इस गंभीर समस्या के समाधान में सहयोग करें.
