
बुद्धप्रकाश बौद्ध दबोह। क्षेत्र में संचालित यात्री बसों में अव्यवस्था और मनमानी का आलम है। बस कंडक्टर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पक्का टिकट (वैध रसीद) नहीं दिया जाता। जब कोई यात्री टिकट की मांग करता है तो कंडक्टर अभद्रता पर उतर आते हैं और बीच रास्ते में उतार देने की धमकी देते हैं। इस कारण आए दिन यात्रियों और बस कर्मचारियों के बीच झगड़े की नौबत आ जाती है।
अंचल में चलने वाली एक भी बस में किराया सूची प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को सही किराए की जानकारी नहीं मिल पाती। पारदर्शिता के अभाव में यात्रियों से मनमाने किराए की वसूली का सिलसिला जारी है।
ड्राइवर और कंडक्टर निर्धारित यूनिफॉर्म में नजर नहीं आते। ऐसे में यात्रियों को यह तक नहीं पता चलता कि कंडक्टर कौन है या उसका नाम क्या है। यूनिफॉर्म का अभाव न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय है।
अधिकांश बसों में निर्धारित संख्या से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जा रहा है। कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है, जिससे असुविधा और दुर्घटना की संभावना दोनों बढ़ जाती हैं। परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इन मनमानी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए परिवहन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बसों की नियमित जांच और निगरानी की जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और परिवहन व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
इनका कहना है
यदि बसों में किराया सूची नहीं लगाई गई है, और कंडक्टर द्वारा टिकट देने में टालमटोल की जाती है, तो शीघ्र ही चैकिंग प्वाइंट लगवाएंगे और ऐसी बसों पर कार्यवाही करेंगे। हालांकि अभी कुमरावत जी हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए हैं। देखते हैं, यदि मेरी जिम्मेदारी रहती है तो जल्द ही कार्यवाही करेंगे। एक टीम बनाऊंगा जिसमें मैं खुद शामिल होकर चैकिंग करूंगा।
आर. के. सोनी, जिला परिवहन अधिकारी, भिंड
