
इंदौर। शहर के विकास कार्यों को लेकर एआईसीटीसीएल सभागृह में मैराथन बैठक हुई। बैठक में रामबाग से नहर भंडारा राऊ तक स्टीमर चलाने का प्रस्ताव रखा गया। वही लंबे समय से लंबित मेट्रो रेल को खजराना से रीगल चौराहा तक भूमिगत करने पर सहमति बनी है। मेट्रो को भूमिगत करने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित सभी जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में हामी भरी है। शहर में अब अवैध कॉलोनी निर्माण पर शिकंजा कसने पर भी अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने अधिकारियो को सख्ती से कारवाई करने की बात कही है। साथ ही एसीएस ने मौजूद जनप्रतिनिधियों से पूछा कि कारवाई रोकने के कॉल तो नहीं आएंगे ? महापौर से कहा कि पार्षद अधिकारियों पर दबाव नहीं डाले, इसकी जिम्मेदारी लेना होगी।
लंबे समय बाद आज इंदौर के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर की मास्टर प्लान सड़कों, मेट्रो रेल को भूमिगत करने, निगम राजस्व वसूली, स्मार्ट सिटी के विकास कार्य , अमृत योजना में पानी और ड्रेनेज लाइन की समीक्षा सहित कई बिंदुओं पर विचार किया गया। इसके तहत एसीएस संजय दुबे ने कई बार अधिकारियों को कटघरे में खड़ा भी किया और जिम्मेदारी तय करने के आदेश भी दिए।
एआईसीटीएसएल कार्यालय में सुबह 11.30 बजे से बैठक शुरू हुई । पहले मुद्दे खजराना से मेट्रो को भूमिगत करने पर सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मेट्रो भूमिगत लाइन ही डालना चाहिए। शहर की सुंदरता को खराब होने से बचाने का स्वयं मंत्री विजयवर्गीय ने विरोध किया। इसके बाद भूमिगत करने पर सहमति बन गई है। शहर में मास्टर प्लान की 5 सड़को के बाधक, पानी की टंकियों से वितरण और नई लाइनों में काम पानी आने, एसटीपी प्लांट, कान्ह नदी में स्टीमर चलाने, प्रधानमत्री आवास योजना के फ्लैट बेचने, एमजी रोड पद मराठी संकुल के संचालन और दुकान बेचने, भंवरकुआ चौराहे पर लेफ्ट टर्न मंदिर हटाने और एमओजी लाइन के प्लॉट बेचने जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा और निर्णय करने का तय किया गया है।
यह लोग रहे शामिल
बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव,विभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, विधायक महेंद्र हार्डिया , मधु वर्मा , संभागायुक्त डॉ सुदामा खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, मेट्रो रेल प्रबंध संचालक कृष्ण चैतन्य, निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े , स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन , नागरिक प्रशासन उपसचिव दिव्यांकसिंह, मेट्रो रेल के अजय गुप्ता और आर एस राजपूत सहित निगम और आईडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
