
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025: पश्चिम बंगाल के बैरकपुर स्थित पानीघाटी में अपने आवास पर 57 वर्षीय प्रदीप कर फंदे से लटके हुए मृत पाए गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मुरलीधर शर्मा ने बताया कि मृतक के पास से एक डायरी बरामद हुई है, जिसके एक पन्ने पर लिखा है कि “एनआरसी मेरी मौत के लिए जिम्मेदार है।” प्रदीप कर के परिजनों के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा 4 नवंबर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद से ही प्रदीप कर सोमवार को बेचैन हो गए थे, क्योंकि उनके पिता बांग्लादेश से आए थे।
इस कथित आत्महत्या की खबर सामने आते ही यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए इस घटना को भाजपा की भय और विभाजन की राजनीति का ‘अभियोग’ करार दिया। उन्होंने कहा कि “यह सोचकर मैं अंदर तक हिल जाती हूं कि कैसे भाजपा ने वर्षों से एनआरसी के डर से, झूठ फैलाकर, दहशत फैलाकर और वोटों के लिए असुरक्षा का हथियार बनाकर निर्दोष नागरिकों को सताया है।”
सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से इस “बेरहम खेल” को हमेशा के लिए बंद करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल कभी भी एनआरसी की अनुमति नहीं देगा और न ही किसी को भी हमारे लोगों की गरिमा से वंचित करने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा, “हमारी धरती मां, माटी और मानुष की है, नफरत पर पलने वालों की नहीं। दिल्ली के जमींदारों को यह बात जोर से और साफ सुननी चाहिए।” पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
