
देवास। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को देवास जिले की कन्नौज तहसील के ग्राम कलवार में अनशनरत किसानों से मुलाकात की। ये किसान पिछले एक माह से अपनी उपजाऊ जमीन के रेलवे परियोजना के लिए किए जा रहे अधिग्रहण के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
ग्राम कलवार के दर्जनों किसान परिवार अपनी पैतृक और उपजाऊ भूमि को बचाने के लिए संघर्षरत हैं। यह इलाका केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र में आता है, लेकिन किसानों का कहना है कि अब तक कोई सरकारी प्रतिनिधि उनकी व्यथा सुनने नहीं आया।
किसानों से बातचीत के दौरान पटवारी ने कहा, “जब कृषि मंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र में किसान अपनी जमीन बचाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठा है, तो इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है? यह ‘डबल इंजन सरकार’ किसानों को लूट रही है और उनकी मेहनत की कमाई की जमीनें छीन रही है।”
पटवारी ने याद दिलाया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम कांग्रेस की मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय लाया गया था, जिसमें यह प्रावधान था कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि का अधिग्रहण होने पर किसानों को बाजार मूल्य से 20 प्रतिशत अधिक मुआवजा और स्थानीय प्रतिनिधियों की सहमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इन सभी नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है। “किसान दुख के आंसू बहा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह देश के अन्नदाता का अपमान है,” पटवारी ने कहा।
पटवारी ने सरकार से मांग की कि रेलवे और सड़क परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य और उचित मुआवजा किसानों को तुरंत दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के संघर्ष में पूरी तरह साथ खड़ी है और जल्द ही ‘किसान न्याय यात्रा’ के माध्यम से देवास, सीहोर और इंदौर जिलों में किसानों की आवाज़ को सड़क से संसद तक बुलंद किया जाएगा।
