इंदौर:एबी रोड स्थित बीआरटीएस के पास सौम्या व्हीकल के पेंट हाउस में लगी आग ने कारोबारी प्रवेश अग्रवाल और उनके परिवार की खुशियों को चीर कर रख दिया. घटना के 30 घंटे बाद भी अग्रवाल की बड़ी बेटी सौम्या हादसे के खौफनाक दृश्य से उबर नहीं पाई है और डॉक्टरों की देखरेख में बेहोश रखी जा रही है. पिता की मौत की जानकारी फिलहाल उससे छुपाई गई है.
सौम्या विकल्स के पीआरओ अखिलेश सिंह तंवर ने बताया कि बेटी बार-बार बेहोशी के इंजेक्शन लेने के बावजूद घबराहट और बेचैनी में है. आग का दृश्य उसके सामने बार-बार घूमता है, और परिजन फिलहाल उसे मानसिक सदमे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रवेश अग्रवाल की अंतिम यात्रा गुरुवार जब गोयल ग्रीन से निकाली गई थी, तो उस दौरान उनकी छोटी बेटी मायरा बार-बार ‘पापा को बुलाओ’ कहकर रोती रही. सयाजी होटल के पीछे मुक्तिधाम में उनके भतीजे आर्यन अग्रवाल ने मुखाग्नि दी.
पुलिस ने बताया कि घर के डिजिटल लॉक खुलने में देरी के कारण आग में प्रवेश अग्रवाल धुएं में दम घुटने से उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी सौम्या भी बेहोश हो गई थी, घटना में घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया. अग्रवाल की पत्नी श्वेता और छोटी बेटी मायरा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. मामले में बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है कि सौम्या की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. जब मानसिक और शारीरिक स्थिति स्थिर हो जाएगी, तब उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी.
