सिंगरौली: जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न की बदहाल व्यवस्था फिर सुर्खियों में है। नवागत कलेक्टर गौरव बैनल के निरीक्षण और सख्त फटकार के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। मरीजों का कहना है कि पूरे 24 घंटे बीत जाने के बावजूद वार्ड में एक भी चिकित्सक नहीं आया। भर्ती मरीजों की देखभाल सिर्फ स्टाफ नर्सों के भरोसे की जा रही है।
मरीजों ने बताया कि बुधवार शाम से भर्ती हैं, लेकिन गुरुवार दोपहर तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। अस्पताल की सफाई व्यवस्था भी बेहद लचर है। जगह-जगह गंदगी फैली है, वहीं वॉश बेसिन जाम और शौचालयों की गंदगी गैलरी में बह रही है। दुर्गंध से मरीज और परिजन परेशान हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिविल सर्जन और सीएमएचओ की लापरवाही के चलते अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डॉक्टर अपनी मनमर्जी से आते-जाते हैं और अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं है।
राज्यमंत्री ने भी किया था निरीक्षण, नहीं हुआ सुधार
दो दिन पूर्व राज्यमंत्री राधा सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा। मरीजों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
गैलरी में बह रही शौचालय की गंदगी
सीटी स्कैन से लेकर फिजियोथेरपी गेट तक शौचालय की गंदगी बहने से रास्ता दुर्गंधयुक्त हो गया है। सफाई व्यवस्था सेडमैप को सौंपे जाने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है।
मरीजों की पीड़ा
जगमती (बरगवां): बेटा छत से गिरा, पैर में कांच घुसा और सिर फट गया। रात में पट्टी की, पर सुबह से कोई डॉक्टर नहीं आया।
भूपेंद्र प्रसाद पाण्डेय (कथुरा): बर्न वार्ड में चादर नहीं, शौचालय गंदा है, नल टूटा है, पानी नहीं आ रहा।
सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि का कहना
चादर की कमी है और मोटर जल जाने से पानी की दिक्कत है। सेडमैप की सफाई से संतुष्ट नहीं हूं, नोडल अधिकारी को निर्देशित किया जाएगा।
