ग्वालियर: मध्य प्रदेश का एकमात्र मंदिर ग्वालियर में है जहां नरक चौदस को यमराज का महा अभिषेक होता है। उक्त जानकारी मंदिर के महंत आचार्य महेश शर्मा ने मीडिया को दी। आचार्य ने बताया कि यह मंदिर ढाई सौ से 300 वर्ष पुराना है इसकी स्थापना सिंधिया राज घराने ने कराई थी अब हमारे सातवीं पीढ़ी मंदिर की देख रेख कर रही है।
उन्होंने बताया कि मार्कंडेय ऋषि को शिव जी के प्रताप से 12 साल की उम्र का वरदान मिला था लेकिन 12 वर्ष पूर्ण होने पर जब यमराज के दूत मार्कंडेय ऋषि को लेने आए तो उस समय ऋषि तपस्या में लीन थे शिव जी के प्रताप को देखकर यम के दूत वापस लौट गए तब यमराज को मार्कंडेय ऋषि को लेने आना पड़ा जब उन्होंने ब्रह्मा फास डाला तो मार्कंडेय ऋषि शिव जी से लिपट गए और शिव जी उस शिवलिंग में से प्रकट हुए इसलिए नरक चौदस को यमराज का महा अभिषेक किया जाता है।
