
ब्यावरा।किसानों को सोयाबीन फसल के उचित दाम मिले इसको लेकर शासन द्वारा भावांतर योजना में किसानों से सोयाबीन की खरीदी की जाना है. इसके पंजीयन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर थी. अंतिम दिनांक तक भावांतर योजना में हुए पंजीयन में राजगढ़ जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा. पहले स्थान पर उज्जैन जिला रहा है.
जिले में आज दिनांक तक 84 हजार 688 किसानों के द्वारा पंजीयन कराया गया. इस तरह प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा. पहले स्थान पर उज्जैन जिला रहा. जिले की तहसीलों में सर्वाधिक पंजीयन नरसिंहगढ़ तहसील में हुए. जबकि सबसे कम पंजीयन राजगढ़ में हुए है.
जिले की तहसीलों में पंजीयन की स्थिति इस प्रकार रही. नरसिंहगढ़ में 18 हजार 917 किसान, जीरापुर में 11707, पचोर में 11319, सारंगपुर 10081, सुठालिया 7815, ब्यावरा 6930, खिलचीपुर 8365, खुजनेर 5777 तथा राजगढ़ में 3777 किसानों के
द्वारा पंजीयन कराया गया.
24 अक्टूबर से होगी खरीदी शुरु
सोयाबीन फसल की भावांतर में खरीदी कार्य 24 अक्टूबर को शुरु होगा. शासन द्वारा भावांतर योजना के तहत समर्थन मूल्य 5 हजार 328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. 24 अक्टूबर से मंडियों में सोयाबीन बेचने पर मिलने वाले दाम और भावांतर के तहत तय होने वाले मॉडल रेट के बीच जो अंतर आवेगा उसकी भरपाई भावांतर योजना के तहत रहोकर योजना का लाभ मिलेगा.
कमजोर फसल के बाद भी पंजीयन सर्वाधिक इस बार अतिवृष्टि एवं पीला मोजेक रोग के कारण जिले में सोयाबीन फसल को काफी क्षति पहुंचने से उत्पादन पर इसका प्रभाव पड़ा है. सोयाबीन का उत्पादन प्रभावित हुआ है. बावजूद इसके भावांतर योजना में रुचि बढ़ी है और इसी का परिणाम है कि भावांतर योजना के पंजीयन मामले में प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा.
भावांतर योजना के तहत पंजीयन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर थी. आखरी तारीख के शाम 7.30 बजे तक जिले में 84 हजार 688 किसानों के द्वारा पंजीयन कराया गया. जो कि प्रदेश में दूसरे स्थान पर है.
