इटारसी। आपात स्थितियों में जीवनरक्षक तकनीक जन-जन तक पहुंचाने की पहल के तहत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय द्वारा न्यायालय परिसर में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधीक्षक डॉ. राकेश चौधरी के मार्गदर्शन में हुए इस सत्र का संचालन डॉ. अखिलेश योना ने सिस्टर मेबिल सिंह और सिस्टर रंजना ग्लैडविन के साथ किया।
मुख्य न्यायाधीश, अधिवक्ताओं व नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पुतले पर हैंड्स-ऑन अभ्यास किया। डॉ. योना ने बताया कि सीपीआर से हृदय गति रुकने पर भी रक्त संचार बनाए रखा जा सकता है। न्यायालय परिसर में हुआ यह प्रशिक्षण आपात स्थितियों में त्वरित सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की सराहनीय पहल मानी जा रही है।
