भाजपा सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान आत्महत्या को विवश

आष्टा। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कृषि मंडी का आकस्मिक दौरा करके मंडी में नीलामी प्रक्रिया देखने के साथ उपस्थित किसानों से चर्चा की.

जहां किसानों ने बताया कि एक व्यक्ति जिसके पास चार एकड़ जमीन है उसे 4 क्विंटल सोयाबीन हुआ और जो 3950 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिका सोयाबीन सही से पैदा होता तो उतनी जमीन में 80 हजार का सोयाबीन निकलता परंतु फसल खराब होने और भाव कम होने के कारण उसे मात्र 16 हजार रुपए मिले. इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि किसानों को भावांतर योजना में उलझने की जगह सीधा उनके खाते में 20 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से नगद राशि डालिए. ताकि किसान अपने परिवार का जीवन यापन कर सके. क्योंकि फसल खराब होने और उनको मुआवजा और फसल का भाव नहीं मिलने के कारण किसान हताश और परेशान है जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में भी किसानों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाना शुरू कर दिया है. यदि सोयाबीन के किसानों को 20 हजार रुपए प्रति एकड़ की राशि देती है तो मैं यह घोषणा करता हूं कि सीएम और कृषि मंत्री का नागरिक अभिनंदन करूंगा.

जीतू पटवारी ने भावांतर योजना पर मुख्यमंत्री और उनके मंत्री और भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब समर्थन मूल्य 5328 रुपए है तो फिर किसान से सीधा सोयाबीन समर्थन मूल्य से ऊपर खरीद जाना चाहिए और भावांतर में किसानों को 500,700,800 रुपए मिलेंगे जिसके लिए भाजपा नेता और मंत्री मु यमंत्री के प्रति आभार रैली निकाल रहे हैं. किस बात की आभार रैली किसानों को उनकी फसल का सही भाव नहीं मिलने के लिए या किसानों को उनकी खराब हुई फसल का मुआवजा एवं बीमा नहीं देने के लिए आभार रैली निकाली जा रही है. मांग करते हैं कि किसान कोई कांग्रेस बीजेपी का नहीं होता है. किसान की हर हाल में मदद करना चाहिए और उनकी मदद करने के लिए प्रत्येक किसान को प्रति एकड़ 20 हजार रुपए की राशि नगद उसके खाते में डालना चाहिए. इस मौके पर अनेक कांग्रेस नेता मौजूद थे.

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