
मंडला। अपर सत्र न्यायालय निवास ने एक चिन्हित जघन्य सनसनीखेज मामले में त्वरित न्याय करते हुए बलात्संग (रेप) के आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा 10 अक्टूबर को सुनाई है। मीडिया प्रभारी अभियोजन मंडला ने बताया कि न्यायालय ने बलात्संग प्रकरण के आरोपी सोनू उर्फ संजय झारिया निवासी ग्राम मनेरी थाना बीजाडांडी को दोषी ठहराया।
जानकारी अनुसार यह मामला विगत वर्ष 25. सितंबर 2024 को चौकी मनेरी, थाना बीजाडांडी में दर्ज किया गया था। अभियोक्त्री की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 20 वर्षीय बेटी का पेट फूला हुआ देखने पर पूछताछ करने पर घटना का खुलासा हुआ। पीडि़ता ने बताया कि जब वह दूध लेने स्टैंड जा रही थी, तब आरोपी सोनू ने उसे टॉफी का लालच देकर बुलाया और कहा कि भाभी और बाई परिवार के लोग घर पर नहीं हैं। यह कहकर वह पीडि़ता का हाथ पकड़कर जबरदस्ती कमरे में ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद जबलपुर के रांझी अस्पताल में सोनोग्राफी कराने पर खुलासा हुआ कि पीडि़ता 4 माह की गर्भवती है।
बताया गया कि पुलिस ने इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया और त्वरित विवेचना पूर्ण कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक मंडला द्वारा इस मामले को चिन्हित एवं सनसनीखेज प्रकरणों की श्रेणी में रखा गया था। विचारण के दौरान न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्य और अभियोजन पक्ष के तर्कों पर विचार करते हुए कठोर निर्णय लिया। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी सोनू उर्फ संजय झारिया को भारतीय न्याय संहिता की धारा विभिन्न धाराओं में 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई, जो एक साथ चलेंगी। इसके साथ ही उसे अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई, जिसमें 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी शामिल है। मामले में शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी निवास उज्ज्वला उईके द्वारा किया गया।
