बैतूल: जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू किया गया क्यू मैनेजमेंट टोकन सिस्टम अब महीनों से बंद पड़ा है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद हालात जस के तस हैं। मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना 900 से 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बंद पड़े टोकन सिस्टम के कारण भारी अव्यवस्था बनी हुई है। बुजुर्ग और बीमार मरीजों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था कि टोकन सुविधा से मरीजों को डॉक्टर कक्ष के बाहर खड़ा नहीं होना पड़ेगा, लेकिन तकनीकी खराबी के बाद यह व्यवस्था ठप हो गई है।
डॉक्टरों की कमी और बढ़ते मरीजों के दबाव से स्थिति और बिगड़ती जा रही है। कई बार डॉक्टर बिना जांच के ही दवाइयां लिख देते हैं। सिविल सर्जन डॉ. जगदीश धेरे ने बताया कि टोकन सिस्टम में तकनीकी खामियां आई थीं, जिन्हें सुधारने के बाद इसे पुनः शुरू किया जाएगा। अस्पताल को पूर्ण रूप से डिजिटलाइज करने की योजना भी बनाई जा रही है।
