नयी दिल्ली, (वार्ता) राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) की संयुक्त प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियाँ (एयूएम) गुरुवार को 16 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गयी।
वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में इसे पेंशन सुरक्षा को सर्व सुलभ बनाने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा गया है कि इन दोनों योजनाओं में कुल मिला कर पॉलिसी धारकों की संख्या भी बढ़कर नाै करोड़ से अधिक हो गयी है।
गौरतलब है कि पीएफआरडीए ने एनपीएस को मज़बूत करने और पेंशन समावेशन का दायरा बढ़ाने के लिए प्रमुख पहल शुरू की हैं। इसमें इस माह पहली तारीख से प्रभावी मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (एमएसएफ) शामिल है जो पेंशन योजनाओं में निवेश करने के बेहतर विकल्प प्रदान करती है।
सरकार ने इसके अलावा, गिग कर्मियों को पेंशन योजना के दायरे में लाने के लिए एनपीएस प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स मॉडल और एनपीएस ओवरहाल पर एक परामर्श पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें पेंशन लाभ को पर्याप्त रखने के लिए वर्गीकृत भुगतान और लचीले एन्युइटी विकल्पों का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके अलावा किसानों, लघु और मझोले उद्यमों में काम करने वालों (एमएसएमई श्रमिकों), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों और अन्य अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वालों को भी पेंशन योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यवस्थित सम्पर्क अभियान शुरू किया गया है।
