टीकमगढ़: जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति की दिशा में जनजागरण की नई पहल देखने को मिल रही है। मंगलवार को बुड़ेरा मार्ग स्थित ग्राम पंचायत नैनवारी में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया।गांव में हुई आमसभा में सभी लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब गांव में शराब या गांजा पीने, बनाने और बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में तय किया गया कि पहली बार शराब या गांजा पीने वाले पर 5,000 का जुर्माना और बनाने या बेचने वाले पर 11,000 का अर्थदंड लगाया जाएगा।यदि कोई व्यक्ति दोबारा इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर 11,000 का जुर्माना और शराब बनाने वाले पर 51,000 तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही, ऐसे व्यक्तियों का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
गांव के प्रमुख अहिरवार, प्रमोद लोधी और विजय राजपूत ने बताया कि यह भी तय किया गया है कि शादी-ब्याह या किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शराब का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति शराब या गांजा पीने-बनाने वाले को पकड़वाता है, तो उसे वसूले गए जुर्माने की आधी राशि इनाम के रूप में दी जाएगी।ग्रामीणों की यह पहल अब आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है, जिससे जिले में नशा मुक्त समाज की दिशा में ठोस कदम बढ़ा है।
