भोपाल। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि हृदय में गुरुभक्ति और आचरण में गुरु के आदर्श झलकने चाहिए। शरद पूर्णिमा पर भगवान के श्री मस्तक पर 55 मिनट की शांतिधारा की गई। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने जैन श्रावक के रूप में भाग लिया। विदिशा से आए 120 विद्यार्थी व शिक्षकों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। मुनि श्री ने कहा कि गुरुदेव ने सांसारिक जन्मदिन नहीं, बल्कि दीक्षा दिवस मनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने ‘विद्योदय’ का अर्थ बताते हुए कहा, विद्या का प्रकाश सबके जीवन में फैले। कार्यक्रम में मुनि श्री संधानसागर महाराज व जैन पंचायत पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हृदय में गुरुभक्ति और आचरण में गुरु के आदर्श झलकने चाहिए
